मार्च 17, 2026

हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामले में अभियुक्त गंगेले को आजीवन कारावास

दमोह। हत्या एवं हत्या के प्रयास के एक मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी आकाश उर्फ बंटी गंगेले को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
दमोह-सागर क्षेत्र में कभी आतंक का पर्याय रहे मुन्ना गंगेले के बेटे आकाश उर्फ बंटी गंगेले, निवासी लक्ष्मी नगर सागर को न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश दमोह ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। आरोपी आकाश गंगेले को धारा 302 में आजीवन कारावास, 10 हज़ार रुपए के अर्थदंड, 307 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, 5 हज़ार रुपए के अर्थदंड, धारा 342 भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास 1 हज़ार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना अभियोजन के अनुसार 05 अक्टूबर 2018 को सुबह लगभग 10:30 मृतिका सवा कुरैशी अपनी लड़की को लेकर ड्राइवर श्यामू दुबे के साथ सागर से जबलपुर जा रही थी। रास्ते में तेंदूखेड़ा के पास आरोपी आकाश उर्फ बंटी गंगेले ने रास्ते में जंगल का फायदा उठाकर मृतिका की चार पहिया गाड़ी के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर दी और बंदूक की नोक पर ड्राइवर श्यामू दुबे के सिर पर पिस्टल रख कर कहा कि जंगल की तरफ गाड़ी ले चलो। जब वह धीरे-धीरे जंगल की तरफ चलने लगा. तभी आरोपी आकाश गंगेले पीछे वाली सीट पर बैठ गया, जहां पर मृतिका की लड़की बैठी हुई थी। आरोपी मृतिका सवा कुरैशी से कहने लगा कि राजीनामा कर लो, सवा ने मना किया तो आरोपी ने पिस्टल चला कर गोली मार दी. जो श्यामू दुबे को सीने में लगी। गोली लगने पर श्यामू दुबे गाड़ी से उतरकर रोड तरफ भागा। तभी उसे मृतिका सवा कुरैशी के चिल्लाने की आवाज आई तो आरोपी ने सवा कुरैशी को भी दो गोली मार दी थी। जिससे वह मौके पर ही मृत्यु हो गई। तत्पश्चात आरोपी मृतिका की लड़की को मोटरसाइकिल से लेकर भाग गया था। आरोपी के विरुद्ध थाना तेंदूखेड़ा में मामला दर्ज होकर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध एक पृथक बालिका के साथ उसे भगा ले जाने एवं दुष्कृत्य का मामला पृथक से पॉक्सो न्यायालय में पेश किया गया था। आरोपी के विरुद्ध मृतिका सवा कुरैशी की हत्या एवं श्यामू दुबे की हत्या के प्रयास का मामला प्रथक से पेश किया गया था। जिसके विचारण के दौरान उपलब्ध साक्ष्य एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी आकाश उर्फ बंटी गंगेले को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं धारा 307 में 10 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से पैरवी तत्कालीन डीपीओ बीएम शर्मा एवं प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी अनंत सिंह ठाकुर द्वारा की गई।

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