
दमोह. जिले की जेरठ चौकी क्षेत्र में सल्फास की दुर्गंध के कारण एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई. जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से पीड़ित हो गई. उसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है.
कहते हैं कि कभी-कभी जरा सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो जाती है. इसका एक जीवंत उदाहरण दमोह जिले की पथरिया तहसील अंतर्गत जेरठ पुलिस चौकी से सामने आया है. यहां पर गेहूं की फसल बचाने के लिए किसान द्वारा फसल में रखी गई सल्फास की दुर्गंध से दो बच्चों की मौत हो गई. जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से पीड़ित हो गई. गेहूं की फसल तो बच गई, लेकिन किसान को अपने दोनों बच्चों की जान से हाथ धोना पड़ गया. बताया जाता है कि जेरठ निवासी दामोदर लोधी ने करीब तीन-चार दिन पहले अपनी गेहूं की फसल में सल्फास की गोलियां डालकर बोरियां भर के एक कमरे में रखी हुई थी. इस कमरे में दामोदर की बेटी करीब 11 वर्षीय भावना लोधी उसकी पत्नी विनीता, उसकी देवरानी तथा दामोदर के छोटे भाई डोमन लोधी का बेटा 6 वर्षीय समीर लोधी आज उसी कमरे में सो रहे थे. लेकिन अचानक जब महिला की चीख निकली तो परिजनों का ध्यान उस तरफ गया. जैसे ही उन्होंने देखा की दोनों बच्चे अचेत अवस्था में हैं तथा दोनों देवरानी और जेठानी गंभीर रूप से पीड़ित हो गई है तो उन्हें तुरंत ही प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल लाया गया. यहां पर डॉक्टर ने जांच के उपरांत भावना लोधी और उसके चचेरे भाई समीर को मृत घोषित कर दिया. जबकि महिला को बाद में अवस्था गंभीर होने के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है. चौकी प्रभारी गोपाल सिंह ने बताया की परिजनों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक उन्होंने तीन-चार दिन पहले सल्फास की गोलियां अनाज में डाली थी और उसी की दुरगंध आ रही थी. जिसके करण उनके दोनों बच्चे और महिला की हालात बिगड़ गई. जिसके बाद दोनों बच्चों की मौत हो गई. पुलिस ममले की जांच कर रही है. अस्पताल में ड्यूटी का डॉक्टर बहादुर ने बताया कि जब बच्चों को यहां पर लाया गया तो वह मर चुके थे. जबकि महिलाओं की हालत गंभीर थी. परिजनों ने बताया कि सल्फास की दुर्गंध के कारण यह घटना हुई है.
सल्फास कितना गंभीर जहर है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसानों को उसके प्रयोग करने के पहले और बाद में कई सावधानियां बरतना पड़ती है. सेवानिवृत्ति कृषि विस्तार अधिकारी विजय खरे ने बताया कि सल्फास का इस्तेमाल करने के पहली हाथ में दस्ताने पहनना चाहिए, मुंह पर मास्क लगाना चाहिए तथा पूरे शरीर को अच्छी तरह ढकना चाहिए. इसके अलावा जब बोरी में सल्फास रख दिया जाता है तो उन सभी बोरियों को एक अच्छी पॉलिथीन से ढकना चाहिए. इसके बाद खाली डिब्बी, दस्ताने, मास्क और सर पर पहनी हुई टोपी को भी जमीन में गाढ़ देते हैं ताकि इसका दुष्प्रभाव न फैले. बाद मैं पूरे शरीर को अच्छी तरह साबुन से धोना होना चाहिए. इस बात की जानकारी समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जाती है लेकिन उसके बाद भी वह गलती करते हैं और इस तरह के हादसे सामने आते हैं.

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