

दमोह. जहरीली दवा डालकर रखे गए दुर्गंध गेहूं से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से पीड़ित हुए पीड़ितों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है एक महीने में यह दूसरा मामला है.
कहते हैं कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी. जो व्यक्ति दूसरों के अनुभव से सबक नहीं लेता है उसे कभी न कभी खुद भी पीड़ा के दौर से गुजरना पड़ता है. ऐसा ही मामला जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र से निकलकर सामने आया है. यहां पर गेंहू में डालकर रखी गई जहरीली दवा की दुर्गंध से एक बच्चे का दम घुट गया जिससे उसकी मौत हो गई. जिला अस्पताल में पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर मधुर चौधरी ने बताया कि हिंडोरिया थाना क्षेत्र के आनू ग्राम के चार बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया था. जिसमें से एक बच्चे की मौत हो चुकी है. जबकि तीन बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती है. उनका उपचार चल रहा है. मृतक बच्चे का नाम धर्मेंद्र पुत्र माखन प्रजापति उम्र 5 साल है. जबकि उसके तीन अन्य भाई बहन गंभीर रूप से पीड़ित हो गए हैं. जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है. जिला अस्पताल दमोह में बहन एवं भाइयों को इलाज के लिए लाया गया था. वहीं रीना उम्र 3 वर्ष, दिनेश उम्र 7 वर्ष और दीपक उम्र 9 वर्ष की हालत गंभीर होने पर उनका उपचार चल रहा है. यह सभी बच्चे माखन प्रजापति के हैं. एक परिजन ने बताया कि रात्रि में चारों बच्चे कमरे में सोए थे. उसी कमरे में दवा डला हुआ गेहूं रखा था. उसकी दुर्गंध से चारों बच्चों की स्थिति बिगड़ गई. परिजनों के अनुसार कल ही गेहूं में सल्फास डालकर रखी गई थी ताकि गेहूं खराब न हो. और उसी कमरे में बच्चे सो गए थे जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई.
गौरतलब है कि करीब एक से डेढ़ महीने पहले ठीक इसी तरह की एक घटना पथरिया थाना क्षेत्र की ग्राम जेरठ में हुई थी. यहां पर दो बच्चे एवं एक महिला की मौत हो गई थी. जबकि दो लोग गंभीर रूप से पीड़ित हो गए थे. जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सल्फास युक्त गेहूं को घर से दूर दूसरी जगह गोदाम में रखवाया था. लेकिन उस घटना से भी लोगों ने सबक नहीं लिया और हिंडोरिया में यह दूसरा हादसा हो गया.

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