June 1, 2026

आखिर क्या है डेढ़ करोड़ का सच ?

डेढ़ करोड़ रुपए के लेनदेन में कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रतिनिधि आए आमने-सामने

दमोह. एक पूर्व सांसद प्रतिनिधि ने वर्तमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर करीब डेढ करोड रुपए के लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए हैं. सांसद प्रतिनिधि इस समय एम्स भोपाल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने पूरे मामले को झूठ और षड्यंत्र बताया है.

बुंदेलखंड के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ रामकृष्ण कुसमारिया के प्रतिनिधि रहे राजकुमार दुबे ने कांग्रेस के वर्तमान जिला अध्यक्ष मानक पटेल पर करीब डेढ करोड रुपए के लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में की है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से वह एम्स भोपाल में भर्ती है और जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. उनकी पत्नी साधना दुबे ने एक वीडियो जारी करके अपने पति की इस स्थिति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने सारे आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें कूट रचित दस्तावेज के तहत उनकी मानहानि करने वाला बताया है. आज दोपहर आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने खुद को पाक साफ बताते हुए इस पूरे मामले में कुछ लोगों द्वारा षड्यंत्र रचे जाने के आरोप लगाए है.

*क्या मामला है *

दरअसल राजकुमार दुबे ने एम्स में भर्ती होने के कुछ दिन पूर्व ही पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी कि कांग्रेस के वर्तमान जिला अध्यक्ष मानक पटेल उनके करीब डेढ करोड रुपए नहीं दे रहे हैं. जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है और उन्हें अपने उपचार के लिए रूपयों की सख्त आवश्यकता है. दुबे ने एक एग्रीमेंट सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है. यह एग्रीमेंट कंस्ट्रक्शन एवं निर्माण से जुड़ी कंपनी डीके बिल्डर्स के लेटर हेड पर बना हुआ है. डीके कंपनी के ऑनर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानक पटेल हैं. अनुबंध पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2002 से 2008 के बीच मानक पटेल ने 12 लाख रुपए एक प्रतिशत ब्याज पर उधार दिए थे. जिसकी ब्याज सहित राशि 22 लख रुपए होती है. इसी तरह खजुराहो चुनाव के दौरान 20 लाख रुपए लिए थे. जिसमें से केवल 5 लाख ही वापस किए हैं. इसके अलावा पीएमएसजेवाय योजना के तहत पिपरिया छक्का, तेंदूखेड़ा एवं सैलवाड़ा, बैलवाड़ा रोड निर्माण के लिए अमानत राशि के रूप में 45 लाख रुपए लिए थे. अनुबंध में आगे आरोप लगाया गया है कि मानक पटेल ने 2014 में श्री दुबे से एक जेसीबी मशीन भी 80 हज़ार रुपए महीने पर किराए पर ली थी. जिसका कुल किराया 48 लाख 40 हजार रुपए बकाया है. इस तरह तमाम अलग-अलग लेनदेन की ब्याज सहित राशि करीब 1 करोड़ 43 लख रुपए बताई गई है. पुलिस के दिए आवेदन में दुबे ने यह राशि से उन्हें वापस कर जाने का निवेदन किया है.

इस सारे घटनाक्रम के बीच राजकुमार दुबे एम्स भोपाल में भर्ती है और उनकी स्थिति खराब है. एम्स से ही उनकी पत्नी श्रीमती साधना दुबे ने एक के बाद एक दो वीडियो जारी किए हैं. जिसमें उन्होंने कहा है कि मानक पटेल भाजपा के एजेंट है. उनके पति की यह हालत उनके पैसे न देने के कारण हुई है. उनके पति मानसिक तनाव के कारण बीमार हुए हैं और यदि उन्हें कुछ भी होता है तो इसकी तमाम जवाबदारी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल की होगी. वीडियो में यह भी दावा किया गया है की वह और भी बहुत अधिक खुलासा शीघ्र करेंगी. अभी उनके पति भोपाल में है इसलिए वह ज्यादा कुछ बात नहीं कर पा रही है.

साधना दुबे का वीडियो और अनुबंध पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मानक पटेल ने आज सारे आरोपों को निराधार बताया है और उन्हें एक षड्यंत्र करार दिया है. श्री पटेल ने कहा है कि राजकुमार दुबे ने जो अनुबंध पत्र बताया है वह कूट रचित है. इसके अलावा उस अनुबंध के गवाह संजय सिंह और मीना सिंह जिन्होंने किसी मानव अधिकार ट्रस्ट का जो पत्र जारी किया गया है उसमें कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है. कोई पंजीयन दर्ज नहीं है. वह भी कूट रचित है. श्री पटेल ने कहा कि जिस जेसीबी को 2014 में किराए पर देने का उल्लेख किया गया है, उसी की शिकायत की कॉपी जब कोतवाली से निकलवाई गई तो उसमें वर्ष 2016 का उल्लेख था. जब अनुबंध 2014 में हुआ तो 2016 में जेसीबी का उल्लेख कैसे हो गया. श्री पटेल ने बताया कि यह जानकारी नहीं है कि राजकुमार पटेल सांसद प्रतिनिधि थे या नहीं, लेकिन वह सांसद कार्यालय में झाड़ू पोछा और खाना इत्यादि का काम जरूर करते थे. रही बात डेढ़ करोड़ रुपए के लेनदेन की तो यह पूरी तरह से फर्जी और असत्य है. जो एग्रीमेंट बनाया गया है वह फर्जी है. इसे हम न्यायालय में सिद्ध कर देंगे. 2013 से 2026 तक इतने वर्षों तक वह क्या करते रहे. उन्होंने आज तक मुझे कोई नोटिस क्यों नहीं दिया. इस मामले में कुछ पत्रकार भी शामिल हैं. उन सबके खिलाफ हम लीगल नोटिस जारी कर रहे हैं. हमने एसपी को भी आवेदन दिया है.

 

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