June 1, 2026

खुदाई में मिला खजाना, हिस्सा न मिलने पर मजदूर पहुंचे कोतवाली

दमोह. पुराने मकान की पिलर खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में चांदी की सिक्की मिले हैं. मामला कोतवाली उस समय पहुंच गया जब मजदूरों ने भरी मात्रा में चांदी मिलने की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई. इसी बीच भवन मालिक ने भी 42 सिक्कों मिलने और उन्हें प्रशासन की सौंपने की बात कही.

       कहते हैं की लालच बुरी बला होती है. यह जिसके सर पर चढ़ जाए उसे अच्छे बुरे का कुछ भी भान नहीं रहता. ऐसा ही लालच से भरा एक मामला नगर के फुटेरा मोहल्ला में सामने आया है. यहां पर एक शिक्षक के घर पुराने मकान के पिलर खोदे जाने के दौरान बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई है. हालांकि मकान मालिक ने कुल 42 सिक्के मिलने की बात स्वीकार की है. जबकि मजदूरों ने करीब 20 से 25 किलो चांदी मिलने का दावा किया है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है. मजदूर हीरा पटेल ने बताया कि वह गड्ढा खोदने का काम करता है. शनिवार को वह महाकाली चौराहे के पास शिक्षक आलोक सोनी के मकान में गड्ढा खोद रहा था. उसी दरमियान दोपहर की समय पहले एक सिक्का मिला, उसके बाद एक घड़ा और मिला. जब उसने यह बात मकान मालिक को बताई तो उन्होंने उस घड़ा को निकाल लिया. मजदूर ने बताया कि घड़ा में करीब 20 से 25 किलो चांदी थी. जब बात बटवारे की आई तो मकान मालिक आलोक सोनी ने कहा कि इसका बंटवारा परसों यानि सोमवार को करेंगे. लेकिन शाम को उन्होंने पांच पांच सौ मजदूरी देकर विदा कर दिया. जब आज हमने उनसे हिस्सा मांगा तो उन्होंने हिस्सा देने से इन्कार कर दिया. एक अन्य मजदूर हनुमान काछी ने भी कुछ इसी तरह का दावा किया है. उसने कहा कि पहले एक सिक्का मिला उसके बाद एक बड़ा घड़ा मिला. जिसमें चांदी के सिक्के और एक चांदी की राड भरी हुई हुई थी. मकान मालिक ने उसे भी ₹500 देकर विदा कर दिया और सोमवार को बटवारे की बात कही थी और अब वह रुपए देने से इन्कार कर रहा है. मजदूर मामले की शिकायत लेकर आज कोतवाली पहुंचे और उन्होंने पुलिस को सारी बात बताई. इसके बाद पूरा मामला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया. इसके बाद कलेक्टर ने तहसीलदार रॉबिन जैन एवं अन्य राज्य अधिकारियों को भेज कर सिक्के जप्त करके उन्हें कोषागार में जमा करने के निर्देश दिए. इसी बीच मकान मालिक आलोक सोनी भी कोतवाली पहुंच गया. जहां पर उसने कहा कि केवल 42 सिक्के चांदी की मिले हैं. इसके अलावा कुछ भी नहीं मिला है मजदूर झूठ बात कह रहे हैं. मैं वह सिक्के यहां जमा करने आया हूं. तहसीलदार रॉबिन ने बताया कि सिक्कों की जांच के लिए पुरातात्विक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. जांच के बाद ही पता चलेगा कि इसके कितने पुराने हैं किस शासनकाल के हैं उनका क्या महत्व है. वही पुलिस का कहना है कि मजदूर सही बोल रहे हैं या मकान मालिक इस बात कि हम जांच कर रहे हैं. जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी. 

 

 

 

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