मार्च 17, 2026

कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल, पीड़ित से ही बोले अब मैला खा लेना

दमोह. सतरिया कांड मामले में पीड़ित युवक को न्याय दिलाने उसके गांव पहुंचे सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा परिजनों से ही उलझ पड़े और अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया.

   प्रदेश कांग्रेस की तरफ से तीन सदस्यीय एक जांच दल दमोह जिले के बहुत चर्चित सतरिया कांड मामले में पीड़ितों से मिलने के लिए मंगलवार को गाँव पहुंचा. लेकिन पूरे मामले को साजिश देने के रंग की उस समय पोल खुल गई जब पीड़ित के परिजनों ने ही यह कहकर पटाक्षेप कर दिया कि गलती आरोपी पक्ष की नहीं बल्कि उन्हीं के बेटे की है. इसके बाद सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा न केवल तुनक गए बल्कि उन्होंने पीड़ित परिवार को ही अपशब्द कह दिए. और एक बार नहीं बल्कि दो से तीन बार उन्होंने बार-बार उन शब्दों को रिपीट किया जो सुनने में न केवल भद्दे लग रहे हैं बल्कि यह भी दर्शा रहे हैं कि विधायक जैसे पद पर रहते हुए व्यक्ति कितने गंदे शब्दों का इस्तेमाल कर सकता है.

   दरअसल हुआ यह कि जब राज्यसभा सांसद फूलसिंग बरैया, पूर्व विधायक विनय सक्सेना और विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सतरिया ग्राम पहुंचे तो पीड़ितों के घर ही पंचायत जमा हो गई. जिसमें मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा भी शामिल थे. योगेंद्र ने मामले की शुरुआत की तथा कहा कि यह हमारे समाज के लिए कलंकित करने वाली घटना है. जिसमें एक व्यक्ति द्वारा ऊंचे शब्दों में कहा गया कि तुम पैर धोकर पानी पियो. इसलिए सारा गांव इस पक्ष में है कि आप उस युवक के अलावा ऐसा कहने वाले अखिलेश पाठक पर भी पुलिस प्रकरण दर्ज किया जाए. लेकिन पुलिस द्वारा आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है. इसी बीच जब सिद्धार्थ कुशवाहा ने पीड़ित युवक परसोत्तम कुशवाहा से पूरी बात पूछी, तो उसने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले अनुज पांडे ने पूरी समाज को गाली दी थी जिसके बाद समाज की पंचायत जुड़ी तो अनुज पांडे ने गलती मानते हुए 5100 का अर्थ दंड दिया तथा समाज से माफी मांग ली. लेकिन उसके बाद जब मैंने वीडियो बनाकर वायरल किया तो मेरे पिता ने मुझे डांटा और मैंने उसे वीडियो को डिलीट कर दिया. लेकिन इस बीच कुछ लोग उसका स्क्रीनशॉट ले और देख चुके थे. इसके बाद पंचायत जुड़ी और मुझे ₹5100 का अर्थ दंड दिया गया. साथ ही पैर धोने के लिए भी कहा गया. लेकिन अनुज पांडे इस पर तैयार नहीं था तब मुझे उसके पैर धोकर पानी पीना पड़ा. इस पूरी कहानी को सुनने के बाद सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि तुम्हें न्याय के लिए कोर्ट तक साथ में चलना होगा. तभी तुम्हें न्याय मिलेगा. लड़ाई तुम्हें लड़ना होगी. इसके बाद पीड़ित परसोत्तम कुशवाहा के चाचा मथुरा कुशवाहा ने भरी पंचायत में स्पष्ट रूप से कहा कि गलती उनकी यानी आरोपित पक्ष की नहीं थी. हमारे बेटे की गलती थी. उसमें उनका कोई दोष नहीं है. जिस पर सिद्धार्थ कुशवाहा उखड़ गए और उन्होंने कहा अच्छी बात है. अगली बार से तुम लोग गू ( मैला ) खा लेना. इसके बाद उन्होंने यही शब्द दोहराया तथा अपनी कुर्सी से उठकर आए और मथुरा कुशवाहा के कान में भी धीरे से यही बात कही. इसके बाद परिवार के लोग पंचायत से बाहर चले जाए.

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