मार्च 17, 2026

साला एक भी नहीं बताता बम कहां फूटने वाला है: पूर्व विधायक …..देखें वीडियो

दमोह. पथरिया से बसपा की पूर्व विधायक रामबाई एक बार फिर अपने आपत्तिजनक बयान को लेकर चर्चाओं में हैं. उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह साधु संतों के लिए साले एवं अन्य आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं. कहते हैं कि जब पद पैसे या राजनीतिक महत्वाकांक्षा लोगों की सर चढ़ जाए तो उसे इतना भी भान नहीं होता कि कब क्या कहा जाए ? कुछ इसी नशे से चूर पथरिया से बसपा की पूर्व विधायक रामबाई परिहार का एक आपत्तिजनक बयान सामने आया है. जिसमें भाजपा सरकार पर तो वह निशाना साध ही रही हैं इसके अलावा सनातन धर्म और धर्म गुरुओं के बारे में भी ऊंट पटांग कहती नजर आ रही हैं. दरअसल पथरिया में विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर एक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था. इस धरना प्रदर्शन को जब रामबाई संबोधित कर रही थी तो उन्होंने एक लंबा चौड़ा भाषण दिया. और इस बीच उन्होंने कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. पूर्व विधायक ने कहा कि भारत देश में ऐसी सरकारें बैठी है जहां पर अधिकारी और कर्मचारियों के लगभग साधु संत पैदा हो गए हैं. जहां राम और श्याम की बातें होती हैं. आपको शायद पता ही नहीं होगा, किसी की कृष्ण भगवान से, किसी की जगतारण से बात होती है. तो किसी की राधे मां से बात होती. है. रामबाई यहीं पर नहीं रुकीं, उन्होंने कहा साला (संत) एक भी नहीं बताता कि यहां पर बम फूटने वाला है. सरकार इतना पैसा खर्च कर रही है. इन्हीं महाराजों से क्यों नहीं पूछ लेती की कौन सी आफत आने वाली है ? आगे तंज कसते हुए कहा कि राधे मां से तो उनकी बात होती है कि मुझे बड़ा स्थान चाहिए है. अब कौन सा बड़ा स्थान चाहिए है. जब वह बातें कर करके नीचे गिर गए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भी उन्होंने अपशब्द कहे. रामबाई ने कहा कौन सा बड़ा पद चाहिए है कभी संविधान खत्म करने की बात कहते हैं कभी मनुस्मृति लागू करने की बात कहते हैं, आंखों से दिखता नहीं है. ऐसे लोगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था है, ऐसे लोगों के लिए धर्मगुरु का पद दिया गया है. बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा मंच पर बैठकर कोई कहता है टोपी वाले फादर वाले, तुम मुसलमान हो मेरे पैर मत छूना. लेकिन दलित समाज से वह कह नहीं सकते की पैर मत छूना. क्योंकि उन्हें भाजपा सरकार की तरफ से ऐसा कहने का आदेश नहीं है. *राम और रामभद्राचार्य पर बयान *रामबाई ने अपने बयान में कहा कि इस भारत देश में ऐसे-ऐसे संतो को बढ़ावा दिया जा रहा है जो हिंदू मुस्लिम की बात करके आपस में लड़वा रहे हैं.जो सामने 18-20 साल के लड़के खड़े हैं वह पागल हो गए हैं. जय श्री राम के नई लग रहे होंगे तो साले पागल हो जाएंगे. जय श्री राम के नाम पर मरने मारने को उतारू हो जाएंगे. लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं है यह जय श्री राम का नारा नहीं है. इस बीजेपी सरकार को न राम से मतलब न रावण से उन्हें तो अपनी कुर्सी से मतलब है.और वह कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं. एक ब्लाइंड संत हैं रामभद्राचार्य जिन्हें जगतगुरु की उपाधि मिली है. उन्होंने कुछ समय पहले बोला है की मनुस्मृति का समय आने के लिए मनुस्मृति लागू होना चाहिए.

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