
पथरिया से मुकेश दुबे। भारतीय किसान संघ की एक बैठक स्थानीय मैरिज गार्डन में हुई। जिसमें जिला उपाध्यक्ष हेमंत पटेल, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख गजेन्द्र पटैल, तहसील अध्यक्ष राजेश पटेल, तहसील मीडिया प्रभारी तीरथ पटेल, तहसील मंत्री मुकेश पटेल, नगर अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ठाकुर, हरि गोविंद पटेल जिला कार्यकारिणी सदस्य, गोवर्धन पटेल तहसील उपाध्यक्ष, राजकुमार पांडे नगर मंत्री, बंटी चौरसिया, मूलचंद पटेल, रामजी पटेल, अर्जुन पटेल, कमलेश पटेल, आनंद राठौर उपस्थित थे।
बैठक में प्रमुख बिन्दुओ पर चर्चा की गई जिसमें लहसुन का पंजीयन कराने जिससे सरकारी खरीदी की जा सके। पथरिया में उद्यानिकी की फसलों की सरकारी मंडी खोले जाने पर चर्चा की गई। बैठक में हेमंत पटेल ने बताया कि आज का किसान सभी प्रकार से घाटा खा रहा है न तो उसे फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है और न ही उसकी प्रशासन के द्वारा कोई मदद होती है। किसान संगठन से जुड़े और अपनी सभी प्रकार की समस्याओं का निराकरण कराएं। क्योंकि जब तक किसान अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ेगा वह ऐसे ही धोखे की मार सहता रहेगा। इसलिए सभी किसान आगें आएं और संगठन में कंधे से कंधे मिलाकर साथ चले। राजेश पटेल ने कहा कि पथरिया में इस बार लहसुन का रकबा बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अभी लहसुन के दाम 30 से 40 रु प्रति किलो हो गए हैं। ऐसे में यदि किसान को उचित मूल्य नहीं मिला तो किसान की सारी मेहनत बेकार चली जाएगी। इसलिए तहसील में सरकारी मंडी खोली जाए। जिससे उद्यानिकी फसलो का अधिक से अधिक रेट मिल सके।
गजेंद्र पटेल ने कहा कि आज सभी जगह मीडिया का प्रचलन हो गया है क्योंकि आज के समय मे ऐसा कोई नही है जो एंड्रॉयड मोबाइल का उपयोग न करता हो। इसलिए अपनी सभी प्रकार की समस्याओं के निराकरण के लिए एवं सुझाव के लिए वह संगठन की आई.डी. एवं पेज पर और अपने व्हाट्सएप ग्रूप के माध्यम से फसलों के बारे में जानकारी देते रहें। जिससे सभी को जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में मूलचंद पटेल ने भी अपनी बात रखी। तीरथ पटेल ने कहा कि पथरिया में उद्यानिकी फसलों के रेट नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही है और सरकार द्वारा यह लगातार वादा किया जा रहा है कि किसानों की आय दोगुनी होगी मगर यहां किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। खेती घाटे का धंधा होता जा रहा है।
अतः पथरिया में सरकारी मंडी खोली जाए और अन्य फसलों की तरह उद्यानिकी फसलों की भी बोली लगे। व्यापारी आएं जिससे किसानों को अपनी फसलों के लाभकारी मूल्य मिल सके और किसान आत्मनिर्भर बन सके।
बैठक में सभी किसान संगठन के पधाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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