
दमोह। सागर लोकायुक्त ने आज 1 रिश्वतखोर सहायक यंत्री को ₹50000 की रिश्वत लेते पकड़ा। उपयंत्री बिल पास करने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
दमोह जनपद पंचायत में मनरेगा में पदस्थ उपयंत्री जी डी अहिरवार को आज सागर लोकायुक्त की टीम ने ₹50000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर लिया। उपयंत्री की जेब से ₹50000 बरामद किए गए। उसके बाद उसका पेंट बदलवाया गया। पुलिस ने उस पैंट को भी जप्त कर लिया है। बाद में आरोपी के मेडिकल परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय से एक डॉक्टर को बुलाया गया।
3 प्रतिशत मांग रहा था
दमोह जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बालाकोट में मूंगा बाई लोधी सरपंच हैं। वह वृद्ध हैं इसलिए उनका बेटा लीलेंद्र लोधी ही पंचायत के कामकाज देखता है। पंचायत में नर्सरी व कपिलधारा कूप तथा अन्य कार्यों के करीब 20 लाख रुपए के बिल बाकी थे। जिन्हें पास करने के लिए लीलेंद्र लगातार सहायक यंत्री जीडी अहिरवार से निवेदन कर रहा था, लेकिन वह बिल पास करने की एवज में 3 परसेंट की राशि मांग रहा था। लीलेंद्र ने बताया कि बीती 12 तारीख को उसने ₹10000 रिश्वत दे दी थी। उसके बाद भी बिल पास नहीं कर रहा था। तब वह 14 तारीख को लोकायुक्त सागर गया और वहां पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। तब लोकायुक्त ने रिश्वतखोर उपयंत्री को पकड़ने की पूरी योजना बनाई तथा रिश्वत की तस्दीक करने के लिए उसकी एक रिकॉर्डिंग भी करवाई। तय समय के अनुसार आज जनपद कार्यालय में ही लीलेंद्र ने उपयंत्री को ₹50000 दिए और जैसे ही उपयंत्री ने रुपए लेकर पैंट की जेब में रखे, तत्काल ही लोकायुक्त ने उसे दबोच लिया। लोकायुक्त डी एस पी राजेश खेड़े ने बताया कि बिल के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी तस्दीक करने के बाद आज योजना अनुसार उपयंत्री को रंगे हाथों पकड़ा गया है। उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

More Stories
कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल, पीड़ित से ही बोले अब मैला खा लेना
हटा विधायक को नहीं पता राष्ट्रगान हिन्दी में लिखा या संस्कृत में
2 दिन पहले पति की मौत, आज कुएं में मिला पत्नी और बेटी का शव