
दमोह। रेल संघर्ष समिति ने आज बिलासपुर भोपाल ट्रेन के कई स्टॉपेज खत्म किए जाने अन्य समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन केंद्रीय रेल मंत्री के नाम स्टेशन मास्टर को सौंपा है।
लॉक डाउन के बाद रेल सेवाएं बहाल न किए जाने एवं मनमाफिक तरीके से उनका संचालन करने के विरोध में रेल संघर्ष समीति लगातार आवाज उठा रही है। आज एक बार फिर विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में कहा गया है की दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर ने 17 सितम्बर से बिलासपुर भोपाल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन covid-19 मार्च के पहले 18235 / 18236 भोपाल – बिलासपुर पैसिंजर कम एक्सप्रेस के रूप में चलती थी।इस ट्रेन का स्टापेज भोपाल-से बिलासपुर के बीच में कुल 67 जगहों पर था। अब वर्तमान में 08236 / 08235 भोपाल – बिलासपुर के रूप में इस ट्रेन का स्टापेज केवल 36 स्टेशनों पर बचा है। इस ट्रेन के 31 जगहों के स्टॉपेज पूरी तरह खत्म कर दिए गए हैं। यह ट्रेन भारत की सबसे पुरानी ट्रेनों में शुमार है। यह ट्रेन देश की आजादी के समय से चल रही है। इस ट्रेन को आम आदमी की ही ट्रेन कहा जाता है। इस ट्रेन को आदिवासी गौंडवाना समाज के लिए बुंदेलखंड और छतीसगढ़ क्षेत्र की गरीब आम जनता के लिए राजधानी भोपाल से सीधे जोड़ने के लिए शुरू किया गया था। इस ट्रेन में मजदूर, किसान, दूध बेचने वाले, सब्जी बेचने वाले, छोटे-छोटे स्टेशनों के बीच में सफर करने वाले यात्रियों की भारी मात्रा में संख्या होती थी।
आम आदमी इधर से उधर आपने सुख दुःख में छोटे-छोटे स्टेशनों के बीच की यात्रा करता था,। कोविड की वजह से मार्च से यह गाड़ी बंद की गई थी। अब जाकर इस ट्रेन को पुनः शुरू किया गया है, परंतु अब भोपाल से बिलासपुर के बीच के लगभग 31 छोटे-छोटे स्टेशनों के स्टॉपेज खत्म करके भारतीय रेलवे ने आम आदमी के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। आम आदमी को सुगमता से यात्रा करने का सम्मानजनक अधिकार भारतीय रेलवे द्वारा छीना गया है। हमारी समिति इस निर्णय और इस आदेश की घोर भर्त्सना करती है। वर्तमान में चलने वाली, इस गाडी में बीना-कटनी वाया दमोह-सागर रेल सेक्शन के बीच के 8 स्टेशनों के स्टॉपेज को खत्म किया गया है। भोपाल से बीना के बीच के एक स्टेशन के स्टॉपेज को खत्म किया गया है भोपाल – बीना -कटनी के बीच के स्टॉपेज खत्म होने वाले स्टेशन दीवानगंज, बघोरा, सुमरेरी, ईशुरवारा, लिधोरा खुर्द, करहिया भदोली , सलैया, हरदुआ तथा कटनी से बिलासपुर के बीच के कुल 22 स्टेशन है जिन पर स्टॉपेज खत्म किए गए हैं, जो गलत, अन्यायपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है। आम आदमी के यात्रा करने का अधिकार छीनने वाला आदेश निंदनीय है। भारतीय रेलवे को अपना आदेश वापस लेना चाहिए। इस ट्रेन के बंद किए गए स्टॉपेज को बहाल किया जाए। इसी तरह एक अन्य आदेश में 08549 / 08550 दुर्ग – जम्मूतवी साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 14 सितम्बर 2021 से शुरू की जाना है जिसे दमोह में स्टॉपेज नहीं दिया गया है। उक्त ट्रेन का भी दमोह में स्टॉपेज किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेन्द्र दवे, प्रांजल चौहान, सुरेंद्र छोटू दवे, लखन राय, सुभाष जादवानी, संतोष रैकवार आदि उपस्थिति थे।

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