मार्च 17, 2026

बलवा का प्रकरण दर्ज किए जाने पर हिंदू संगठन हुए लाल

दमोह। साहू समाज एवं हिंदू संगठनों ने आज लव जेहाद के एक मामले में हिंदुओं पर प्रकरण बनाए जाने के विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन भी दिया।
बीती 12 तारीख को लव जेहाद के एक मामले में घंटाघर पर प्रदर्शन करने वाले लोगों पर प्रकरण दर्ज किए जाने के विरोध में आज हिंदू संगठन ने पुनः विरोध प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि 12 अगस्त को एक वयस्क युवती एकाएक गायब हो गई थी। परिजनों ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे लव जेहाद का मामला बताते हुए शीघ्र ही गायब युवती को वापस लाने एवं समुदाय विशेष के युवक पर प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर घंटाघर पर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने 30 से 40 लोगों के विरुद्ध बलवा एवं अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत आरोपी पर कार्रवाई नहीं की। उल्टा घंटाघर पर प्रदर्शन करने वाले हिंदू संगठन के लोगों पर वलबा अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इसी के विरोध में आज पुनः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बैनर तले अन्य हिंदू संगठनों एवं साहू समाज के लोगों ने पुनः एक बार प्रदर्शन किया एवं जुलूस के रूप में कोतवाली पहुंच कर अपना विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठन का आरोप है कि पुलिस ने धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज नहीं किया लेकिन युवती और उसी के परिवार जनों की रिपोर्ट को दबा दिया। साथ ही हिंदू संगठन के लोगों पर प्रकरण दर्ज कर दिया। मामला बढ़ता देख तुरंत ही पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने कोतवाली पहुंचकर लोगों को समझाइश दी तथा उनसे ज्ञापन लेकर उन्हें मामले की पुन: विवेचना करने एवं कानून संगत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मामले की पुनः जांच करेंगे
इस मामले में पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार का कहना है कि हिंदू संगठनों ने उन पर प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है। मामले की पुन: विवेचना कर जो लोग मामले में शामिल नहीं थे उनके नाम अलग किए जाएंगे। इसके अलावा जो अन्य धाराएं भी लगी हैं उन्हें भी विवेचना में यदि कानून संगत नहीं पाया गया तो वह भी अलग की जाएंगी।
पुलिस की कार्रवाई असंगत
उधर आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता अचल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि पुलिस तुष्टिपूर्ण कार्रवाई कर रही है। आरोपी को प्रश्रय देकर उनके पक्ष में काम कर रही है। जबकि हिन्दू संगठनों पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस को कानून एवं समान रूप से कार्रवाई करना चाहिए थी। जो भी जेहादी और सामाजिक तत्व हैं उन पर कार्रवाई होना चाहिए। नीतेश प्यासी कहते हैं यदि उसी समय प्रकरण दर्ज कर लिया होता तो यह नौबत ही क्यों आती। क्या घंटा घर पर किसी ने उपद्रव किया पत्थर मारे या दंगा या बलवा किया जो बलवा का प्रकरण दर्ज कर लिया गया।

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