मार्च 17, 2026

एक ही स्थान पर दो अलग-अलग कार्यक्रम, भाजपा की गुटबाजी आई सामने

दमोह। भाजपा में मची आपसी खींचतान अब सार्वजनिक रूप से उजागर होने लगी है। इसका ताजा मामला आज रानी अवंती बाई लोधी जयंती के कार्यक्रम में देखने मिला।
लोधी समाज की आइडल वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर आज भारतीय जनता पार्टी की गुटबाजी सामने आ गई। अनुशासन का दम भरने वाली भाजपा में अंदरूनी गुटबाजी और कलह किस तरह मची हुई है इसके यदा-कदा उदाहरण देखने को मिल ही जाते हैं। 15 अगस्त के मौके पर प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कार्यक्रम छोड़ने वाले भाजपाइयों का चेहरा दूसरे ही दिन सोमवार को सामने आ गया।
आजू बाजू में हुए कार्यक्रम

लोधी समाज एवं भाजपा द्वारा आज जटाशंकर क्षेत्र में स्थित रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा के समक्ष जयंती कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें उनके बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राहुल सिंह, जबेरा विधायक धर्मेंद्र लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विद्यासागर पांडे, सांसद के निज सहायक राजकुमार सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रीतम लोधी सहित भाजपा एवं लोधी समाज के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। जिस समय और जिस जगह यह कार्यक्रम चल रहा था उसके ठीक बाजू से भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे भाजपा के युवा नेता सिद्धार्थ मलैया अपना एक अलग कार्यक्रम कर रहे थे। हालांकि उनका कार्यक्रम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई की पुण्यतिथि के मौके पर मिशन ग्रीन 6 आयोजित किया गया था। लेकिन ताज्जुब की बात है कि भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राहुल सिंह न तो सिद्धार्थ मलैया के आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और न ही सिद्धार्थ मलैया और उनके समर्थक और लोधी समाज और भाजपा द्वारा आयोजित रानी अवंती बाई की जयंती कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। सिद्धार्थ मलैया के साथ उनके समर्थक पूर्व महामंत्री रमन खत्री, मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राजपूत, नगर मंडल अध्यक्ष संतोष रोहित, कपिल सोनी सहित दर्जनों समर्थक मौजूद थे।
अलग से किया माल्यार्पण
हालंकि सिद्धार्थ मलैया ने लोधी समाज के कार्यक्रम से इतर अलग से रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही उन्होंने इस दिन को महापुरुषों को याद करने का दिन बताया और इसी दिन से ग्रीन दमोह मिशन 6 की शुरुआत की घोषणा की। पूरे मामले में गौरतलब बात यह है कि आखिर ऐसा क्या है कि आजू बाजू में दोनों कार्यक्रम चलते रहे और एक ही पार्टी के झंडे के नीचे खड़े होने वाले नेता आपस में मिले तक नहीं। आपको बता दें कि इसी साल संपन्न हुए दमोह विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त के बाद भाजपा की जिला बॉडी और मलैया परिवार के बीच रस्साकशी ज्यादा तेज हो गई है। भाजपा ने इस कार्यक्रम मलैया परिवार को न्योता नहीं दिया या मलैया परिवार ने ग्रीन मिशन में भाजपाइयों को न्योता नहीं दिया इन दोनों ही बातों पर अब कोई कुछ बोलने तैयार नहीं है। लेकिन इतना तय है कि भाजपा की आपसी तल्खी जग जाहिर हो गई है।

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