मार्च 17, 2026

काम के बोझ में दबे परिवार की कलह से परेशान कर्मचारी ने अस्पताल के अंदर लगाई फांसी

दमोह। पारिवारिक कलह और काम के बोझ से तनाव के चलते 1 स्वास्थ्य कर्मी ने आज जिला अस्पताल के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नगर के एसपीएम नगर में रहने वाले 46 वर्षीय राघवेंद्र पटेल ने आज जिला अस्पताल के टीकाकरण कक्ष में पंखे से रस्सी लटकाकर फांसी लगा ली। फांसी लगाने के पूर्व उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया तथा फोन पर अपनी पत्नी से भी बात की। जैसे ही पत्नी को कुछ अनिष्ट की आशंका हुई वह अपने बेटे और अन्य परिजनों के साथ शीघ्र ही अस्पताल पहुंचकर उसके ड्यूटी कक्ष में पहुंची। जहां पर दरवाजा अंदर से बंद था। जब पत्नी दरवाजा पीटा और शोर मचाया तो अन्य कर्मचारी भी वहां पर आ गए दरवाजा न खुलने की स्थिति में दरवाजे का ऊपरी हिस्सा तोड़कर चटनी खोली तथा अंदर गए। जब माजरा देखा तो सबके होश उड़ गए। दरअसल जिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र में पदस्थ एमपी डब्ल्यू कर्मचारी राघवेंद्र पटेल पारिवारिक एवं काम के बोझ के कारण तनाव में था और इसी तरह की वजह से उसका परिवार एवं कर्मचारियों से विवाद भी हुआ था। इसका उल्लेख कर्मचारी द्वारा छोड़े गए एक सुसाइड नोट में भी दर्ज है। जिसमें उसने लिखा है कि वह अपनी पत्नी परिजनों और कर्मचारियों से क्षमा चाहता है कि वह उनसे अपशब्द कह गया। आत्महत्या क्यों की और उसका किससे विवाद हुआ था और क्या दबाव था इस बात का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन जहां सारा देश स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मना रहा है वहीं जिला अस्पताल में कर्मचारी की आत्महत्या करनेने से सनाका खिंच गया और गम का माहौल बन गया है। इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के किसी अधिकारी ने कोई भी बयान देने से स्पष्ट इंकार कर दिया। तो दूसरी ओर पुलिस ने शव का पंचनामा पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया वहीं मृतक के पास से मौजूद मोबाइल सुसाइड नोट, पर तथा अन्य सामान जप्त कर लिया है। पूरे मामले में खास बात यह है कि पुलिस ने किसी भी सुसाइड नोट मिलने की बात से स्पष्ट इनकार किया है।
जांच कर रहे हैं
मामले की विवेचना कर रहे एस आई बीएस हजारी ने बताया कि मृतक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है कारणों की जांच की जा रही है पर मोबाइल तथा अन्य सामान बरामद किया गया है सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

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