
नरसिंहगढ़ से शकीर मोहम्मद। घास चरने सुनार नदी के तीरे पर पहुंची 8 भैंसें बाढ़ के पानी में फंस गई। जो रात भर फंसी रहीं। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया है। मामला नरसिंहगढ़ कस्बे का है।
जिले के नरसिंहगढ़ कस्बे से निकली सुनार नदी इन दिनों भयंकर उफान पर है। लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। रविवार को एक चरवाहा भैंसें लेकर सुनार नदी के तट पर पहुंचा। भैंसें चारा चरते हुए पानी के अंदर प्रवेश कर गई। तभी बाढ़ का पानी और बढ़ गया और भैंस है पानी में बुरी तरह फंस गई।
रात भर फंसी रहीं भैंसें
ग्राम महुना के रहने वाले वीर सिंह की 3 और राजेंद्र सिंह की 5 भैंसें चरने के लिए नदी के तट पर गई हुई थी। दरगाह के पास भैंसें चर रहीं थी। लेकिन उसी दरमियान नदी में जल स्तर और बढ़ गया और भैंस है बीचो बीच फंसकर रह गईं। पानी के तेज बहाव के कारण से बाहर नहीं निकल सकी लेकिन एक बड़ी चट्टान पर खड़ी हो गई। उधर घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने तत्काल ही सूचना नरसिंहगढ़ पुलिस चौकी और एसडीआरएफ को दी। सूचना मिलने पर शाम को ही एसडीआरएफ की प्लाटून कमांडर प्राची दुबे एवं विद्वान चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। लेकिन अंधेरा छा जाने के कारण रेस्क्यू नहीं किया जा सका। आज सुबह से ही टीम ने पुनः रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वहीं ग्राम के ही रहने वाले रघुवीर रैकवार एवं एसडीआरएफ की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार सभी 8 भैंसों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाल लिया है।

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