
हटा से माधव कोरी। नगर एवं ग्रामीण अंचलों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बिजली दफ्तर पहुंचकर उस का घेराव किया एवं अपना विरोध प्रदर्शित किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग कार्यालय दमोह नाका पहुंच कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि हमारी सरकार में इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट की खपत पर ₹100 के बिल दिए गए थे। जिससे प्रदेश के कई लाख परिवार लाभांवित हुए थे। इसी तरह किसान ज्योति योजना के अंतर्गत 10 एचपी तक के बिजली बिल को आधा किया गया था। इससे 23 लाख उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त हुआ था।
कांग्रेस शासनकाल में गलत बिजली बिलों के निराकरण हेतु प्रदेश भर में 1210 समितियां गठित कर जनभागीदारी सुनिश्चित की गई थी। लेकिन अब बैठक नहीं की जा रही हैं और उपभोक्ताओं को बहुत ही ज्यादा बिल दिए जा रहे हैं। कोरोना काल में गरीबों उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने का आश्वासन सरकार द्वारा जनता को दिया गया था। लेकिन अगली बार वह राशि बिलों में जोड़कर वसूली की जा रही है। कांग्रेस शासनकाल में इलेक्ट्रिक सिटी एक्ट की धारा 135/138 को निरस्त करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। किंतु वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा इसको अपना हथियार बनाकर गरीब उपभोक्ताओं एवं किसानों का घरेलू सामान वाहन आदि की बिजली कंपनी मार्फत कुर्की की जा रही है। ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम यादव ने बताया कि सौभाग्य योजना में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है। जिसकी शिकायतें उच्चाधिकारियों से की गई लेकिन इसकी जांच नहीं की जा रही है। अतः इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। आनंद मोहन पटेरिया ने बताया कि किसानों को सीधे सब्सिडी प्रदान नहीं की जा रही है। इस योजना में शासन द्वारा किसानों के खाते में पैसा जमा करते ही विद्युत वितरण कंपनी द्वारा तुरंत ही निकाल लिया जाता है और किसानो को बैंक से एंट्री करवाने पर राशि प्राप्त नहीं होती है। योगेश सराफ ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर जेनरेशन कंपनी की स्थिति दिन प्रतिदिन बहुत ही खराब होती जा रही है। जानबूझकर शासकीय इकाइयां बंद की जा रही हैं। इससे सरकार को एवं विद्युत वितरण कंपनी को करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। कांग्रेस नेता प्रदीप खटीक ने बताया की नगर एवं ग्रामीण अंचलों में विद्युत विभाग द्वारा बहुत ही कम वोल्टेज दिया जा रहा है। जिससे इलेक्ट्रिक उपकरण खराब हो रहे हैं। बिजली विभाग का तानाशाही रवैया इसी प्रकार रहा तो हम लोगों को आंदोलन करने विवश होना पड़ेगा। हटा ब्लॉक प्रभारी संजय चौरसिया, दीपेश पटेरिया, संदीप राय ने बताया की ग्रामीण अंचलों में अभी भी कुछ ग्राम ऐसे हैं जहां पर ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं। लेकिन विद्युत विभाग की तानाशाही के चलते किसान बदलवाने के लिए विद्युत कार्यालय के महीनों चक्कर काट रहे हैं। विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदीप पटेल, अखिलेश तिवारी, नाना देशमुख ने बताया कि बैंकों में किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड के लिए दर-दर भटक रहे हैं और ज्यादातर बैंकों में दलाल सक्रिय होकर 10 परसेंट कमीशन एवं बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों से कमीशन ले रहे हैं।
इसी प्रकार रसीलपुर यूनियन बैंक में कलू नाम के व्यक्ति द्वारा यूनियन बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसान क्रेडिट कार्ड पर बहुत लंबे समय से 10 परसेंट कमीशन लेकर कार्य किया जा रहा हैं। ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तत्पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिनौता, गैसाबाद के किसानों की समस्याओं को लेकर विद्युत कार्यालय की तालाबंदी की और विद्युत विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि किसानों को पर्याप्त बिजली दी जाए। नायब तहसीलदार रोहित राजपूत, जेई संदीप धुर्वे की उपस्थिति में हटा विद्युत विभाग कार्यालय में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर सुनील राय, मनोज भाई शराफ, बृजेश गुप्ता, शहजाद हुसैन, हेमंत कोरी, विवेक जैन, विनोद बर्मन, राहुल पटेल, महेश तंतुवाय, राजकुमार राही, बृजेंद्र कुसमयां, राजाराम, जयवर्धन कोरी प्रीतम तिवारी आदि उपस्थित थे।

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