
दमोह। लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने आज एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामंतशाही व्यवस्था चल रही है। आम जनता को जूते की नोक पर रखा जाता है और मंत्रियों की भी बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। मंत्रियों की वहां पर चलती नहीं है।
समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होने लेने आए लांजी के पूर्व विधायक किशोर समीरीते ने आज स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा की। जिसमें उन्होंने विवाहित बयान उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामंत शाही व्यवस्था चल रही है। अधिकारियों की गुंडागर्दी चल रही है। आईएएस और आईपीएस अपने आप को संविधान से ऊपर समझते हैं। गांव देहातों में तहसीलदार और थानेदार आम जनता को जूते की नोक पर रखते हैं। वह जब चाहे जिस पर चाहे मुकदमा बना देते हैं। सब कुछ उनकी मर्जी से चलता है। श्री समीरीते यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह भी कहा कि एमएलए एमपी और मंत्रियों की भी बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। उनका भी यही हाल है। मंत्रालयों में जब तक पीएस से पटरी नहीं बैठती मंत्रियों की भी चलती नहीं है।
एमपी में ओबीसी सीएम होगा
श्री समीरीते ने कहा कि हमारी समाज बहुत डरी हुई और दबी कुचली है लेकिन छत्तीसगढ़ में बहुत ताकतवर है। देर सवेर वहां हमारा सीएम होगा। एमपी में ही देख लीजिए अभी किरार उसके पहले लोधी, उसके पहले ब्राह्मण और उसके पहले ठाकुर ठाकुर सीएम चलता रहा। अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि एमपी में अगला सीएम अब जो भी होगा वह पिछड़ा वर्ग से होगा। संभव है वह साहू समाज से हो, और हमारा ध्यान अब इसी तरफ है इसलिए अपनी समाज को हम एकजुट और जागृत कर रहे हैं।
पीएम को भी नहीं छोड़ा
पूर्व विधायक यहीं नहीं रुके एक सवाल के जवाब में वह सीधे केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अभी तक धारा 370 राम मंदिर या तीन तलाक के मुद्दे पर ध्यान दिया है लेकिन समाज की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। देख लीजिए पूरे देश में साहू समाज 14 परसेंट है लेकिन आपने देखा कि किसी सीएम या पीएम ने 7 अप्रैल को कर्मा देवी जयंती पर साहू समाज को शुभकामनाएं दी हों। गांधीजी अंबेडकर और शिवाजी बड़े लोग हैं। देश में और भी महापुरुष हैं सबको जयंती पर शुभकामनाएं दी जाती हैं लेकिन कभी सुना आपने कि 14 परसेंट साहू समाज को शुभकामनाएं दी गई हो। उन्हें यह आभास हुआ कि वह यह क्या भूल गए तो उन्होंने अपनी बात सुधारते हुए कहा कि पीएम किसी जाति विशेष का नहीं होता वह पूरे देश का होता है यदि आप की जाति से भी कोई पीएम बन जाएगा तो आप जाति को बाद में देखेंगे पहले देश और राष्ट्र को देखेंगे। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि दिल्ली में पढ़े लिखे लोग हैं। वहां पर जातिवादी व्यवस्था नहीं है इसलिए अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री है। दरअसल श्री समीरीते साहू समाज को एकत्र करने और साहू समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। लेकिन वह अपने बयानों में कुछ और ही कह गए।

More Stories
कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल, पीड़ित से ही बोले अब मैला खा लेना
हटा विधायक को नहीं पता राष्ट्रगान हिन्दी में लिखा या संस्कृत में
2 दिन पहले पति की मौत, आज कुएं में मिला पत्नी और बेटी का शव