
केएल ताम्रकार दमोह। उपभोक्ता फोरम ने सहारा इंडिया में नागरिकों द्वारा जमा की गई राशि को निर्धारित समयावधि में ब्याज सहित न देने के मामलों में सेवा में कमी माना है। फोरम ने ब्याज सहित राशि लौटने का आदेश दिया है।
सहारा इंडिया द्वारा ग्राहकों की जमा राशि न लौटाए जाने के विरुद्ध इसे सेवा में कमी मानते हुए परिपक्वता दिनांक से ब्याज सहित वाद व्यय एवं सेवा में कमी में भी राशि देने के आदेश पारित किए हैं। प्रकरणों में परिवादियों की ओर से किशोरी लाल ताम्रकार एडवोकेट द्वारा पैरवी की गई। आदेश के मुताबिक पथरिया तहसील निवासी अश्विनी बाजपेई ने 36 हजार रुपये, जितेंद्र जैन ने 26 हजार , कौशल बाजपेई ने 27 हजार, निर्मल जैन ने 31 हजार, सुशीला गुरू ने 2 लाख, अमित ताम्रकार ने 48 हजार, दमोह निवासी सविता अहिरवार ने 9 हजार, गुरु चरन ने 36 हजार, प्रभा अहिरवार 9 हजार, लक्ष्मण कुटी निवासी कल्पना नामदेव ने 48 हजार रुपए सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं में निर्धारित समय अवधि के लिए जमा किए थे। परीवादियों ने जब परिपक्वता दिनांक होने पर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपनी जमा राशि ब्याज सहित देने की मांग की तो सहारा इंडिया ने जमा राशि ब्याज सहित वापस करने से इंकार कर दिया था। इससे पीड़ित होकर परीवादियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में मामले प्रस्तुत किए थे। फोरम अध्यक्ष अनुपम श्रीवास्तव ने सदस्य योमेश अग्रवाल से सहमत होकर सभी मामलों में जमा राशि अनुबंध के अनुसार ब्याज सहित तथा परिपक्वता दिनांक से अदायगी दिनांक तक 7% वार्षिक ब्याज, सेवा में कमी व मानसिक पीड़ा में 2 हजार रुपए एवं वाद व्यय 2 हजार रुपए देने के आदेश पारित किए हैं।

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