
दमोह। सोशल मीडिया, सोशल एप्स एवं ऑनलाइन माध्यम से ठगी का शिकार हुए लोगों की करीब 20 लाख रुपए की राशि पुलिस ने साइबर सेल की मदद से वापस खातों में जमा कराई है। लगातार शिकायतें आने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसा एवं खातों को फ्रीज कराया है।
तकनीक के इस युग में तकनीक के जितने फायदे हैं उतने ही उसके नुकसान भी हैं। रोजाना हजारों लोग ऑनलाइन स्कीम या एप्स के माध्यम से ठगी का शिकार होते हैं और खाता खाली होने के बाद अपना माथा धुनते हैं। इस तरह की दर्जनों शिकायतें पुलिस थानों में पहुंचती हैं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कई खाता धारकों की राशि वापस करई है। पुलिस पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में सायबर सेल को उक्त शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिये थे। सायबर सेल ने वर्ष 2021 की अलग अलग शिकायतों में आवेदको के खातों से आहरित हुई राशि से लगभग 20 लाख रुपए आवेदको के खातों में वापस कराए हैं। फ्राड करने वाले अगल-अलग व्यक्तियों के अलग-अगल 69 बैंक खातों को होल्ड करवाकर लगभग 10 लाख रुपए की राशि जमा है।
**इनकी राशि हुई वापस **
पुलिस ने बताया की वैशाली नगर निवासी कृष्ण कुमार अठ्या के 7 लाख रुपए, मोरगंज निवासी
श्याम अग्रवाल के 6 लाख रुपए, बटियागढ़ निवासी प्रेमशंकर स्वर्णकार के 4 लाख रुपए, तेन्दूखेड़ा निवासी धनेश सिंह के 55 हज़ार रुपए, बटियागढ़ निवासी विमला गौंड के 38 हज़ार रुपए,
लक्ष्मीबाई आदिवासी के 25 हज़ार रुपए, सागर नाका निवासी
शैलेन्द्र दास के 25 हज़ार रुपए, मांगंज वार्ड निवासी मलखान रजक के 21 हज़ार 470 रुपए, नोहटा निवासी श्यामलाल पटेल के 20 हज़ार रुपए, तारादेही निवासी अभय उपाध्याय के 10 हज़ार रुपए, दमोह निवासी लीलादेवी गुप्ता के 1 लाख 25 हज़ार रुपए वापस कराए हैं। सायबर सेल टीम के प्रभारी सउनि रमाश्ंकर मिश्रा, प्र.आर. 353 सौरभ टंडन, प्र.आर. 280 राकेश अठ्या, आर. 422 अजित दुबे, आर. 830 कुलदीप ठाकुर, आर.101 मयूर बड़गैयां की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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