मार्च 17, 2026

संस्कार देने वाला शिक्षक ही निकला हत्यारा

दमोह। कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम मझौली में 2 दिन पूर्व हुई हत्याकांड के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबंधों के शक पर हत्या की गई थी।
शिक्षक जो बन गया हत्यारा

कहते हैं कि दुनिया में हर बीमारी का इलाज है लेकिन शक का कोई इलाज नहीं है। जी हां शक के कुछ ऐसे ही मामले में ग्राम मझौली में एक आदिवासी की हत्या की गई थी। गौरतलब है कि 14 जुलाई को मझौली निवासी रज्जू सिंह आदिवासी की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। जिस पर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। फॉरेंसिक टीम ने जब जांच की तो हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि गांव का ही एक शिक्षक निकला। जो बच्चों को तो अच्छे काम करने की शिक्षा देता है लेकिन वास्तव में खुद ही हत्या का आरोपी बन गया।

शक था पत्नी के हैं अवैध संबंध

पुलिस अधीक्षक डीआर तेनिवार ने हत्या के मामले का आज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रज्जू आदिवासी की अवैध संबंधों के शक एवं सबमर्सिबल के बोर में फंस जाने को लेकर हत्या की गई थी। फॉरेंसिक टीम ने जब जांच की तो पाया की हत्या स्थल से लेकर आरोपी के घर तक खून के निशान पाए गए थे। तब संदेह एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर जब गांव के ही पेशे से शिक्षक 46 वर्षीय सूरत सिंह पुत्र रम्मू सिंह से पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल कर लिया।
क्यों की हत्या
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी पेशे से प्राइमरी शाला में शिक्षक है। उसे संदेह था कि उसकी पत्नी और मृतक के बीच अवैध संबंध है। इसके अलावा बोर में सबमर्सिबल भी मृतक ने ही डाला था। लेकिन वह उसमें फंस गया। जिससे उसे लगा कि उसने जानबूझकर सबमर्सिबल फंसा दिया है। इसी बात को लेकर उसमें नाराजगी थी और घटना के दिन उसने तलवार से उसका गला काट दिया और वापस घर चला गया है। लेकिन रास्ते में खून की छींटे गिरते गए जो उस तक पहुंचने का माध्यम बने।
तलवार से काटा था गला
आरोपी शिक्षक ने हत्या करने के बाद खून से सनी तलवार सेप्टिक टैंक के एयर पाइप में डाल दी थी। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पूरे मामले में पुलिस ने जो सबसे अहम खुलासा किया वह यह है कि जांच में मृतक और आरोपी की पत्नी के बीच किसी तरह के कोई संबंध नहीं थे। केवल शक के आधार पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

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