
दमोह। हटा के बहुचर्चित कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया हत्याकाण्ड मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने आज हुई सुनवाई के बाद सुरक्षित रख लिया है।
गौरतलब है कि मार्च 2019 में बसपा से कांग्रेस में आए हटा के कद्दावर नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या कर दी गई थी। जिसमें पथरिया से बसपा विधायक रामबाई परिहार के पति गोविंद सिंह, उनके देवर चंदू सिंह परिहार सहित 20 लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया था। इसी मामले में पुलिस ने विधायक के पति के नाम खारिजी का आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया था। तत्पश्चात मृतक देवेंद्र चौरसिया की पुत्र सोमेश ने उच्चतम न्यायालय में करीब 01 वर्ष पहले आरोपी गोविंद सिंह, चंदू सिंह एवं अन्य आरोपियों की अन्य मामलों में उच्च न्यायालय से दी गई जमानतें निरस्त कराने एवं आरोपी गोविंद सिंह को सरकार व पुलिस द्वारा संरक्षण देने को लेकर याचिका दाखिल की थी। जिस पर राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों व पीड़ित पक्ष को विस्तार से सुनने के बाद आज आज सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ जस्टिस चन्द्रचूड़ सिंह व जस्टिस रॉय ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। बता दे कि मामले में जमानत निरस्त किए जाने के आवेदन के साथ न्यायपालिका को प्रभावित किए जाने, राज्य सरकार की भूमिका, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक की आरोपी पक्ष को लेकर भूमिका जैसे तथ्यों का निराकरण इस याचिका से होने की उम्मीद है।।

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