दमोह। तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत ग्राम धनगौर में एक नाबालिग आदिवासी युवती के साथ हुए दोहरे दुष्कर्म के मामले में पुलिस का असंवेदनशील चेहरा सामने आया है। जहां पीड़ित परिजनों को रिपोर्ट लिखाने के लिए दो थानों के चक्कर काटना पड़े। हालांकि बाद में दो आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम धनगौर में एक नाबालिग आदिवासी युवती के साथ दोहरे दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। जहां पुलिस ने पीड़ितों को एक से दूसरे थाने के चक्कर कटवाए। हालांकि बाद में मामला बढ़ता देख पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा। जानकारी के अनुसार धनगौर की आदिवासी युवती के साथ करीब 15 दिन पहले सुरेंद्र खरे नामक व्यक्ति ने दुष्कर्म किया था, लेकिन लोक लाज के भय एवं सामाजिक दबाव के चलते मामला रफा-दफा कर दिया गया। उसके साथ 30 जून को पुनः गोविंद पाटकर नामक गांव के ही युवक ने दुष्कर्म किया। यह बात परिजनों को जब पता चली तो उन्होंने अपनी बेटी को जबेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भाट खमरिया में अपने मामा के यहां भेज दिया। लेकिन आरोपियों ने यहां भी किशोरी का पीछा नहीं छोड़ा और वह बाइक से वहां भी पहुंच गए। मंगलवार की शाम वहां भी उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। हालांकि युवती के शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हो गए और आरोपियों को वहां से भागना पड़ा।
क्या था मामला
पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी बेटी भाट खमरिया में अपनी भाभी के साथ शाम के समय जब शौच क्रिया करने के लिए जा रही थी उसी दौरान आरोपी गोविंद पाटकर और उसका साथी राजकुमार पाल भी बाइक से वहां पहुंच गया और जबरन बेटी को गाड़ी पर बैठाने की कोशिश की। लेकिन उसके शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण वहां पर आ गए और ग्रामीणों को आता देख कर आरोपी भाग खड़े हुए। हालांकि इस बीच उनमें से किसी एक आरोपी का मोबाइल वहीं गिर गया जिसे बाद में ग्रामीणों ने उठा लिया।
दो थानों में भटके तब हुआ मामला दर्ज
पुलिस की आज संवेदनशीलता का इसी से पता चलता है कि घटना के बाद जब परिजन ग्रामीणों के साथ पीड़ित किशोरी को लेकर जबेरा थाना पहुंचे तो जबेरा पुलिस ने यह कहते हुए प्रकरण दर्ज करने से मना कर दिया कि मामला तेंदूखेड़ा क्षेत्र का है। जब वह तेंदूखेड़ा थाना मामला दर्ज कराने पहुंचे तो वहां पर भी उनसे यही कहा गया कि घटना जबेरा में हुई है इसलिए वहां पर प्रकरण दर्ज कराएं। हालांकि परिजनों एवं अन्य लोगों के दबाव के बाद तेंदूखेड़ा पुलिस ने राजकुमार पाल एवं गोविंद पाटकर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है। ताज्जुब की बात यह है कि दोनों ही स्थानों में महिला थाना प्रभारी पदस्थ हैं। साथ ही रात में ही किशोरी का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया बल्कि दूसरे दिन सुबह 5:00 बजे परीक्षण के लिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया। पीड़ित युवती का कहना है कि पहले सुरेंद्र खरीद एवं उसके बाद गोविंद पाटकर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि पुलिस ने सुरेंद्र खरे के विरुद्ध कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
मामला दर्ज कर लिया है
इस संबंध में तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी सुषमा श्रीवास्तव का कहना है कि युवती जब घर पर अकेली थी उस समय उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। इस मामले में राजकुमार पाल एवं गोविंद पाटकर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अभी फरार हैं।

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