मार्च 19, 2026

मास्टर ट्रेनर ने भगवान राम की मूर्ति को बताया एलन मस्क, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद मांगी माफी

दमोह. एक मास्टर ट्रेनर का वीडियो वायरल होने के बाद अब बवाल मच गया है. मास्टर ट्रेनर ने भगवान राम द्रोपती, सहित सनातन को अपशब्द थे, जिसके बाद हिंदू धर्म के लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया है.
देश में नास्तिकों और आस्तिकों के बीच एक जंग सी क्षिड़ गई है. आए दिन सनातन के विरुद्ध कोई न कोई बयान सामने आ जाता है. ऐसा ही एक ताजा मामला जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक से निकलकर सामने आया है. यहां पर एक मास्टर ट्रेनर ने सनातन धर्म को लेकर अपशब्द कहे, जिसकी बाद हिंदू धर्म के लोगों ने अपना विरोध जताया, लिहाजा बैक फुट पर आई मास्टर ट्रेनर को माफी मांगना पड़ी. दरअसल तेंदूखेड़ा ब्लॉक में अतिथि शिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा है. इस कार्यक्रम में शिक्षक अनीता अहिरवार मास्टर ट्रेनर नियुक्त की गई हैं. जब वह अतिथि शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रही थी उसी दरमियान उन्होंने कहा कि अयोध्या में जो मूर्ति स्थापित की गई है वह भगवान राम की नहीं बल्कि एलन मस्क की है. इसी तरह उन्होंने कहा कि के पांच पति थे द्रोपति रोज अपना पति बदलती लेकिन सुबह के समय वह कुंवारी हो जाती. ऐसा कैसे हो सकता है? इसी तरह उन्होंने मानस मर्मज्ञ तुलसीदास के लिए भी कुछ अपशब्द कहे. जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. अतिथि शिक्षक और स्कूल के छात्र जब घर पहुंचे तो उन्होंने पूरा घटनाक्रम सुनाया. घटना से गुस्साए हिंदू संगठनों के लोग दूसरे ही दिन स्कूल पहुंच गए. उन्होंने जमकर बवाल काटा. हिंदू संगठन के लोगों का आरोप है कि शिक्षिका ने उनके धर्म, उनके आराध्य और भगवान का अपमान किया है. उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांगना चाहिए. साथ ही शिक्षा विभाग को भी तुरंत उन पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए. जिस दौरान हिंदू संगठन के लोग स्कूल में मौजूद थे उसे समय भी मास्टर ट्रेन ने यह स्वीकार किया कि वह हमारी 20-20 में यह कहा गया है कि कोई व्यक्ति गलत विचार भी व्यक्त करें तो उसका हमें समर्थन करना चाहिए. इसलिए मैंने केवल समर्थन किया है. उन्होंने वीडियो में कहा कि मैंने विरोध नहीं किया. एक सर ने मीराबाई, दूसरे सर ने तुलसीदास, तीसरे सर ने भगवान राम और चौथे सर ने द्रोपति के बारे में जो विचार व्यक्त किए थे उन पर मैंने केवल सहमति दी है. यह विचारों का समर्थन करने की सहमति हमें 20-20 से मिली हुई है. दरअसल 20-20 मास्टर ट्रेनर की एक गाइड है. मामला यहीं शांत नहीं हुआ. हिंदू संगठन के लोगों का आरोप था कि उन्होंने कहा है कि वह भगवान राम को नहीं मानती है. यह हमारी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ है. उन्होंने कहा कि यदि वह नास्तिक है तो नास्तिक रहें. हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है लेकिन हमारे धर्म और सनातन के बारे में गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हिंदू संगठनों का यह भी कहना था क्या मास्टर ट्रेनिंग में भगवान राम, तुलसीदास द्रोपति और मीरा सब्जेक्ट में शामिल है या नहीं? यदि शामिल नहीं है तो उनका जिक्र यहां पर क्यों किया गया. काफी देर तक वाद विवाद की स्थिति चलती रही. उधर मास्टर ट्रेनर अनीता अहिरवार बार-बार सफाई देती रही कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा उन्होंने यह कहा था. इसके बाद ब्लॉक स्त्रोत समन्वयक पीएल अहिरवार के हस्तक्षेप करने के बाद मास्टर ट्रेनर ने सभी से माफी मांगी. हिंदू संगठनों ने मामले की शिकायत कलेक्टर, शिक्षा मंत्री एवं अन्य उच्च अधिकारियों से की है.

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