
पथरिया से मुकेश दुबे। स्थानीय खेर माता मंदिर परिसर में चल रही श्री मद भागवत कथा के छठवें दिन कथा वाचक पं हिमालय पांडे महाराज ने कहा कि हमें जीवन में सादगी पसंद करनी चाहिए। हमें ज्ञान तभी प्राप्त होगा जब जीवन कोरे कागज की तरह होगा। हमें अभिमान किसी चीज का नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि पशु पक्षियों को घर में या पिंजरो में कैद करके नहीं रखना चाहिए। हमारा शौक किसी के लिए बंधन हो तो शौक नहीं है। दूसरे के सुख को नष्ट करके अपने शौक को कायम रखना या हिंसा करना बहुत बड़ा पाप है। हम यह जाने अंजाने में करते हैं फलस्वरूप हमें नरक की प्राप्ति होती है। इसलिए हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे द्वारा जानकर कभी किसी जीव या प्राणी को हमारे द्वारा कष्ट न पहुंचाया जाए। इस बात की सावधानी जीवन में रखना। श्री महाराज ने कहा कि भगवान का नाम संकीर्तन ही हमें कष्टों और पापों से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि जब हमें भगवान की याद आती है तो वो सबसे बड़ी संपति है अगर याद न आए भूल जाते है तो वो सबसे बड़ी विपत्ति है। श्री महाराज ने कथा के दौरान- भगवान तुम्हरे चरणो में यदि प्रेम किसी का हो जाए, तो चरणों की बात ही क्या संसार ही उसी का हो जाए, जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण बोलो जय श्री राधे, हे बाला अर्जी हमारी सुनो श्री नाथ जी आदि मधुर भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। आज श्री कृष्ण भगवान एवं माता रुक्मणी का विवाह का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ जिसे चौरसिया परिवार द्वारा बहुत धूमधाम से मनाया गया। चौरसिया चौराहे से बारात निकल कर कथा स्थल खेर माता मंदिर प्रांगण तक पहुंची जहां पर सभी भक्तगण पलक पांवड़े बिछाकर बारात की अगवानी करते नजर आए। इसी दौरान माताजी की पांव पखराई में यजमान मुकेश चौरसिया, अंबिका प्रसाद चौरसिया द्वारा सोने के कुंडल मंगलसूत्र एवं माला से की गई। भागवत जी की कथा एवं माता रानी की आरती में प्रमुख रूप से बिहारी, मुकेश, सुनील, अमित, संजय, संदीप, आलोक, रवि सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।

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