मार्च 17, 2026

दमोह सराफा में महीने भर पहले सहित कई जिलों में हाथ साफ करने वाला चोर गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा

दमोह पुलिस ने एक अंतर जिला चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है. चोरों ने बेखौफ तरीके से महीने भर पूर्व शहर के सराफा बाजार साहित तीन दुकानों शटर के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था.
दमोह पुलिस ने एक महीने के भीतर अन्तर जिला चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है. यह चोर गिरोह जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, कटनी सहित कई जिलों की पुलिस के लिए सर दर्द बना हुआ था. एसपी सुनील तिवारी ने कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए बताया चोरों के सरगना पर 15 से अधिक ममले दर्ज हैं. घटना 25-26 फरवरी की दरमियान रात लगभग 3.30 बजे की है. यहां पर चोरों ने बेखौफ होकर महज 15 मिनट के भीतर ही तीन दुकानों के ताले तोड़ दिए थे. जिसमें दो दुकानों पर यह माल हाथ साफ करके फरार हो गए थे. जबकि एक दुकान के अंदर डबल चैनल लॉक होने की करण वह दुकान के अंदर प्रवेश नहीं कर सके. सराफा बाजार में स्थित राजकुमार सोनी दुकान गुरु कृपा ज्वेलर्स के शटर के ताले तोड़कर चोरी की थी. चोरों ने करधनी, चूड़ियां, बिछीया, पायल चैन, अंगूठी, सहित करीब 90 हज़ार कीमत के करीब सवा किलो चांदी के आभूषणओं पर हाथ साफ कर दिया था. इतना ही नहीं चोरों ने एक अन्य दुकान रवि किराना के ताले तोड़कर भी गल्ले में रखें रूपयों पर हाथ साफ कर दिया था. मात्र 15 मिनट के भीतर चोरों ने 100 मीटर एरिया के अंदर ही तीन दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था. एसपी श्री तिवारी तिवारी ने बताया की जिन छह आरोपियों को जबलपुर से पकड़ा गया है वह अमित पुत्र धर्मेंद्र प्यासी उम्र 31 साल, रमन पुत्र कोमल विश्वकर्मा उम्र 21 साल, शेख शहादत पुत्र शेख गरीब मंसूरी उम्र 24 साल, मोहन चक्रवर्ती पुत्र शेखू चक्रवर्ती उम्र 21 साल, नरेंद्र पुत्र नरेंद्र पुत्र सुरेश रजक उम्र 39 साल, अंकुर पुत्र कोमल यादव उम्र 31 साल को पुरुष ने हिरासत में लिया है. उनके कब्जे से 6 मोबाइल फोन, चंडी के जेवर चोरी में प्रयुक्त टाटा तागोरे कर क्रमअंक एमपी 20 सीजे 1823 कीमत करीब 6 लाख रुपए बरामद की गई है.
पकड़े गए सभी छह आरोपियों में से एक आरोपी को छोड़कर शेष पांच आरोपी 20 से 25 सल की उम्र के हैं. वह केवल उन्हीं दुकानों को निशाना बनाते थे जिन दुकानों में सिंगल शटर लगी हुई हो तथा उस शटर में सेंटर लॉक न हो. ऐसी शटर को आरोपी तीन से चार लोग मिलकर ही बहुत आराम से ऊंगालियां फसाकर उखाड़ लेते थे और फिर चोरी को अंजाम देते थे. जिन दुकानों में शटर के साथ चैनल गेट तथा सेंटर लॉक होता था उन्हें चोर छोड़ देते थे. चोर मल को कहीं बेच इसकी पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

Message Us on WhatsApp