
दमोह. शराब और मीट की दुकाने हटवाने को लेकर स्थानीय नागरिकों के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ही अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मामला आम चौपरा ग्राम पंचायत का है.
जबलपुर नाका पुलिस चौकी और कलेक्ट्रेट कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक शराब दुकान हटवाने को लेकर आज ग्राम पंचायत आम चोपड़ा के रहवासियों के साथ भाजपा नेताओं ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दरअसल यहां के रहवासी और भाजपा नेता लंबे समय से यहां पर मेन रोड के समीप संचालित एक शराब दुकान और खुले में हो रहे मांस विक्रय की दुकान हटाने को लेकर ज्ञापन देते आ रहे हैं. लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाही नहीं की. अब जबकि लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग चुकी है. जुलूस और रैलियां पूरी तरह से बिना परमिशन के प्रतिबंधित हैं. ऐसे में ग्राम पंचायत के रहवासियों और भाजपा नेताओं ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बड़ी संख्या में रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे रहवासियों ने जमकर अपना गुस्सा निकाला. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पर मंदिर और स्कूल के समीप ही शराब दुकान खुली हुई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देश हैं कि खुले में मीट न बेचा जाए तथा ऐसी दुकाने जो रहवासी एरिया के अंदर हैं उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाए. उसके बाद भी प्रशासन ग्राम वासियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है. इसलिए हम एक बार फिर से ज्ञापन देने आए हैं. लोगों का कहना है कि यदि अबकी बार उनके ज्ञापन पर कार्रवाही नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे. भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष मनीष तिवारी का कहना है कि खुले में मीट बेचा जा रहा है. जबकि सरकार के निर्देश है कि उन्हें ढककर बेचा जाए. तो दूसरी तरफ हम लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि वहां से शराब दुकान हटाई जाए. क्योंकि महिलाएं, पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे रोज इस मार्ग से स्कूल जाते हैं. शाम होते ही यहां पर शराब पीने वालों का मेला लग जाता है. वह खुराफात करते हैं. आए दिन चाकू बाजी की घटनाएं हो रही हैं. जिसके कारण महिलाओं बच्चियों और सभ्य नागरिकों का वहां से निकलना दूभर हो गया है. जबकि पास में ही एक मंदिर भी है. यदि अबकी बार प्रशासन ने हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया तो परिणाम उग्र आंदोलन चक्का जाम और धरना के रूप में सामने आएंगे. ग्राम पंचायत आम चौपरा के सरपंच जयपाल यादव लगातार दूसरी बार भाजपा के समर्थन से सरपंच निर्वाचित हुए हैं. नगर से लगी हुई यह पंचायत सबसे बड़ी पंचायत है. जिसे हाल ही में नगरी निकाय की सीमा में शामिल करने के प्रस्ताव में रखा गया है. दमोह से विधायक जयंत कुमार मलैया भाजपा के एक कद्दावर नेता भी है. प्रदेश और देश में भी भाजपा की सरकार है. ऐसे में प्रशासन कैसे स्थानीय रहवासियों और भाजपा नेताओं की ज्ञापनों की अनदेखी की कर सकता है ? यह ताज्जुब की बात है. क्या स्थानीय नेता खुद ही नहीं चाहते की कमाई का जरिया बनी शराब दुकानें रहवासी एरिया से दूर की जाएं ? क्योंकि शहर में जितनी भी शराब दुकाने संचालित हो रही हैं वह पूरी तरह से रहवासी एरिया में बनी हुई हैं. चरयाई कलारी, स्टेशन कलारी, सागर नाका कलारी तथा जबलपुर नाका कलारी रहवासी एरिया के अंदर हैं. जबकि शासन की यह गाइडलाइन है कि किसी भी तरह की शराब दुकानें रहवासी एरिया में नहीं रखी जा सकती है. हालांकि इस मामले में विज्ञापन लेने पहुंचे डिप्टी कलेक्टर निकेश चौरसिया का कहना है कि आम चौपरा के निवासियों ने ज्ञापन दिया है कि वहां पर शराब दुकान रहवासी एरिया में है. मीट की दुकानें खुले में लगी हुई है. उनके ज्ञापन पर जो भी नियम अनुसार कार्रवाई होगी की जाएगी. यह पूछे जाने पर की सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है ? इस पर उन्होंने कहा कि वहां पर एक मंदिर और स्कूल भी वहां पर है. सरकार की जो भी गाइडलाइन होगी उसका पालन करेंगे तथा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे.

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