मार्च 17, 2026

1842 से दमोह से शुरू हुआ था आजादी का समर: प्रहलाद पटेल

दमोह। अभी तक हम पढ़ते आ रहे थे कि आजादी का समर 1857 की क्रांति के साथ हुआ था लेकिन यह पूरा सच नहीं है। सच्चाई यह है कि 1842 से ही आजादी का संग्राम शुरू हो गया था और जिसकी नींव दमोह में रखी गई थी। यह बात केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने कहीं। वह आज दमोह रेलवे स्टेशन पर 100 फीट ऊंचे राष्ट्र ध्वज तिरंगे के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे दमोह क्षेत्र में सेवा करने का अवसर मिला।और उससे भी अधिक सौभाग्यशाली आप लोग हैं जो उस पुण्य धरा में पैदा हुए जहां से आजादी के संग्राम की शुरूवात हुई। उन्होंने कहा दमोह भारत का वह जिला है जहां से 1842 में आजादी का संग्राम शुरू हुआ था। अब नए पाठ्यक्रमों में यह शामिल किया जाएगा। श्री पटेल ने कहा कि यह वर्ष हम महानायको की जयंती के रूप में मना रहे हैं। जिसमें सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती, महर्षि अरविंद की 250, वीं जयंती, गुरु तेग बहादुर की 400 वीं जयंती इसी वर्ष पड़ रही है। श्री पटेल ने कहा कि हम तिथियों को नहीं बदल सकते। यह महज संयोग नहीं बल्कि नियति है कि ऐसे महापुरुषों की जयंती इसी वर्ष पड़ रही है और आजादी का 75 वां स्वाधीनता दिवस भी हम इसी साल मनाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री पटेल ने कहा कि दमोह उन चुनिंदा स्टेशन में शामिल है जहां पर 100 फीट का राष्ट्र ध्वज फहराया गया है।
महामहिम आएंगे
श्री पटेल ने कार्यक्रम एवं मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि महारानी दुर्गावती की कर्म भूमि के रूप में प्रख्यात सिंगौरगढ़ किले के रखरखाव के लिए 26 करोड़ रुपए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सिंगौरगढ़ आने की सहमति से दी है। यह हम सभी के लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। उन्होंने आमजन से अपील की कि चाहे वह किसी भी दल या संगठन या समुदाय से जुड़े हो इसे राजनीतिक कार्यक्रम न माने बल्कि यह मान कर चले कि वह उनका अपना कार्यक्रम है। महामहिम राष्ट्रपति आ रहे हैं और सब एक दूसरे को आमंत्रण देकर उस में एकत्र हो।
दमोह महत्वपूर्ण स्टेशन
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पश्चिम मध्य रेल के एडीआरएम दीपक गुप्ता ने कहा कि दमोह स्टेशन पर्यटन एवं व्यवसाय की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण स्टेशन है। इसे मॉडल स्टेशन के रूप में पहले ही शामिल किया जा चुका है। जबलपुर जोन में जिन 10 स्टेशन पर ध्वज फहराया जाना है उनमें दमोह का छठवां नंबर है।आज यहां पर राष्ट्रध्वज फहरा कर हम सभी अपने आपको धन्य में मान रहे हैं। श्री गुप्ता ने दमोह में रेल यात्रियों और उससे होने वाले व्यवसाय की जानकारी प्रदान की।
बैंड की धुन पर फहराया तिरंगा
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने तिरंगा स्थल का लोकार्पण किया तथा बटन दबाकर 100 फीट ऊंचे ध्वज को फहराया । यह ध्वज 40 फीट चौड़ा है।
सरदार पटेल को याद किया
इस अवसर पर जबलपुर रेलवे की कला मंडली ने लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनी की प्रस्तुति मंचन एवं गायन कर दी। प्रस्तुति में बताया कि लौह पुरुष ने किस प्रकार 564 रियासतों का विलय भारत में कराया था। कार्यक्रम में विधायक पीएल तंतुवाय, विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी, पूर्व विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व विधायक लखन पटेल, डीआरएम संजय विश्वास, नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी, सांसद प्रतिनिधि आलोक गोस्वामी, बिहारी लाल गौतम, नरेंद्र दुबे, प्रीतम लोधी सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक लोग व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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