
दमोह. एक महिला 35 वर्ष की उम्र में दसवें बच्चों की मां बन गई. जबकि उसके पहले बेटे की उम्र 17 साल है. यह मामला सामने आया है हटा ब्लॉक के रनेह ग्राम से. लाभ, हानि, जीवन, मर, यश, अपयश विधि हाथ. रामायण की चौपाइ जिले के हटा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम रनेह के एक परिवार पर खूब फिट बैठती हैं. जी हां भगवान की मर्जी मानकर एक महिला ने 35 साल की उम्र में दसवें बच्चों को जन्म दे दिया. अब यह महिला ऑपरेशन करा कर नसबंदी करने का सोच रही है. दरअसल रनेग ग्राम में रहने वाले नंदराम आदिवासी 38 साल के है. उनका विवाह करीब 18 साल पहले कुसुम आदिवासी के साथ तब हुआ था जब वह नाबालिग थी. लेकिन साल भर में ही उन्होंने ही एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया और उसके बाद यह क्रम लगातार दसवें बच्चे तक चला रहा. नंदराम ने बताया कि उनकी पत्नी कुसुम को गुरुवार को प्रसव पीड़ा हुई थी. जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनेह में भर्ती कराया गया. वहां पर उसने दसवीं संतान के रूप में एक बेटे को जन्म दिया है. उनका एक 17 साल का बेटा है. तथा 10 संतानों में तीन बेटे और सात बेटियां हैं. जब उनसे पूछा गया कि ऑपरेशन क्यों नहीं कराया तो उन्होंने कहा कि अब वह ऑपरेशन करा लेंगे. लगातार इतनी संताने कैसे हो गई , तो उनका जवाब था कि संताने होती गई लेकिन अब नहीं होंगी. अब ऑपरेशन करा लेंगे. महिला का प्रसव कराने वाली नर्स देवकी कुर्मी ने बताया कि महिला हाई रिस्क जोन में थी. उसे गुरुवार को यहां पर भर्ती कराया गया था. लेकिन सकुशल डिलीवरी हो गई. मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं. प्रसूता को आशा कार्यकर्ता लेकर यहां पर आई थी. यह उसका दसवां बच्चा है.

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