मार्च 17, 2026

नायक का सवाल 42 मौतों का जिम्मेदार कौन ? प्रहलाद पटेल अहंकारी और बदमिजाज

दमोह. प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं मध्य प्रदेश मीडिया कांग्रेस के प्रमुख मुकेश नायक ने आज ईसाई मिशनरी एवं गंगा जमुना संस्थान के बहाने भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर जमकर आरोप लगाए. उन्होंने उपचार की अभाव में हुई मौतों के लिए भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया.

       मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व शिक्षा एवं खेल मंत्री तथा मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख मुकेश नायक ने आज अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में धर्मांतरण और कई लोगों मौतों के आरोप झेल रहे ईसाई मिशनरी की संस्थाओं एवं गंगा जमुना के बहाने भाजपा सरकार और उनके नेताओं पर कई गंभीर सवाल खड़े किए. आरोप लगाते लगाते श्री नायक यह भी भूल गए कि उन्होंने मर्यादाओं को ताक पर रखकर प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को भी अपशब्द कह डाले.

धर्मांतरण के आरोप झेल रही गंगा जमुना संस्था एवं डॉक्टर अजय लाल की संस्था मिशन अस्पताल की पैरोंकारी तो बहाना है. असल में वह अब दमोह में ही अपनी राजनीतिक जमीन तलाश कर रहे हैं. श्री नायक ने आरोप लगाए की मिशन अस्पताल को टारगेट करके एक सोची समझी साजिश के तहत बंद किया गया है. जबकि इसमें मिशन अस्पताल की कोई गलती नहीं थी. वहां पर अस्पताल बंद होने के बाद डायलिसिस न हो पाने के चलते 30 लोगों की मौत हो गई. हालांकि इन मौतों के आंकड़े श्री नायक ने सार्वजनिक नहीं किए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 12 महिलाओं की मौत हो गई थी. जिला अस्पताल और मिशन अस्पताल में हुई इन मौतों का जिम्मेदार कौन है.

उन्होंने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं मानव अधिकार के आयोग के सदस्य प्रियंक कानून गो पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त व्यक्ति दमोह आता है और मिशन संस्थाओ की जांच करता है. जब उसे कोई व्यक्ति नहीं मिलता तो वह खुद ही थाने में पहुंचकर उनके विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज कराता है. जिनके कारण कई लोग बेरोजगार हो गए कई, लोगों के रोजगार प्रभावित हुए और कई लोगों के उपचार  अभाव में मौत हो गई. ऐसे अमानवीय कृत्य करने वाले व्यक्ति को पारितोषिक रूप में उसे मानव अधिकार आयोग का सदस्य बना दिया गया. उन्होंने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे व्यक्ति की भूमिका और उसके कार्य की न्यायिक जांच की जाए. श्री नायक यहीं पर नहीं रुके उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का किसी संस्था से लेना देना नहीं है. उन्हें भी उपकृत किया गया. अमित शाह के बेटे को बीसीसीआई का अध्यक्ष बना दिया गया. सिंधिया के बेटे को मध्य प्रदेश क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया. जबकि उसे गिल्ली डंडा खेलना भी नहीं आता. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय लंगडी नहीं जानते लेकिन उन्हें पिट्ठू आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया.

 श्री नायक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान में पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को भी अपशब्द कहे. उन्होंने कहा कि दमोह में एक कहावत चलती थी कि जिसे अपनी बेइज्जती कराना हो वह प्रहलाद पटेल के बंगले पर चला जाए. दमोह की जनता ने उसे दो बार सांसद बनाया और 10 साल तक अवसर दिया. दमोह जिला जिस तरह की राजनीति से गुजर रहा है वह किसी से छुपी नहीं है. जब कांग्रेस छोड़कर राहुल सिंह बीजेपी में गए और चंद्रभान सिंह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए तो दमोह की दमदार जनता ने उन्हें भी नकार दिया. इस पर कांग्रेस पर भी गंभीर आरोप लगे थे. दोनों ही आयाराम, गयाराम की संस्कृति को दमोह की साहसी जनता ने नकार दिया. पहलाद पटेल यहां से 10 साल लोकसभा के सदस्य रहे. तब दमोह जिले में एक कहावत चलती थी की भैया बहुत दिन से बेइज्जती नहीं हुई तो क्या करें ? प्रहलाद पटेल के घर चलो बेइज्जती कराने बहुत दिनों से बेइज्जती नहीं हुई है. जिसको अपनी बेइज्जती कराना हो वह प्रहलाद पटेल के घर जाता था. ऐसा बदमिजाज नेता, ऐसा अहंकारी नेता जो कीड़ों मकोड़े की तरह दमोह की जनता को देखता था. उसके बाद भी दमोह की जनता ने उसे 10 साल तक लोकसभा सदस्य बना कर रखा. कहां गई यहां के लोगों की ताकत और कहां गया वह आजादी की अभिव्यक्ति का जज्बा. 

श्री नायक ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि धर्मांतरण के जो आप अजय लाल और उनकी संस्था पर लगाए गए हैं वह सरासर झूठ हैं. आरटीआई के तहत जो जानकारी निकल कर आई है उसमें शासन ने स्वीकार किया है कि दमोह में 20 साल में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ है. श्री नायक ने आरोप लगाया कि देश में डर का माहौल है जो व्यक्ति सरकार और के खिलाफ बोलता है उसे झूठे केस में फंसा दिया जाता है ईडी सीबीआई और कई संस्थाएं सरकार के हथियार हैं.

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