
दमोह. परिवार के साथ जियारत करने पहुंचे चार बच्चों में दो किशोर सोनार नदी में डूब गए. जिनका 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा है. प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद है वहीं एसडीआरएफ की टीम लगातार बच्चों को खोज रही है लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है.
नगर के बजरिया मोहल्ला में रहने वाले दो परिवारों की ईद की खुशियां 24 घंटे की कायम नहीं रह सकीं. दो परिवारों पर उसे समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब परिवार के साथ बच्चे जियारत करने नरसिंहगढ़ पहुंचे थे और वहां पर नहाने के दौरान चार बच्चे डूब गए. जिनमें से स्थानीय लोगों ने किसी तरह दो बच्चों को तो बचा लिया लेकिन दो का सुराग अभी तक नहीं लग सका है. घटना को करीब 24 घंटे हो चुके हैं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद है. एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर लगातार लापता बच्चों की खोजबीन कर रहे हैं. लेकिन उनका सुराग नहीं लग सका है. दरअसल इन दिनों लगातार बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं. जबकि जिले की सबसे बड़ी सोनार नदी रौद्र रूप धारण किए हुए. इसी दौरान यह बच्चों सुनार नदी के तट पर नहाने के लिए गए हुए थे. जिनमें से दो लापता हो गए हैं. बजरिया मोहल्ला निवासी इस्लाम कुरैशी ने बताया कि उनका भतीजा मजीद कुरैशी उम्र 16 साल तथा भांजा नियाज कुरैशी 13 साल परिजनों और मोहल्ले के दो अन्य बच्चों निषाद कुरैशी 17 साल एवं इमरान कुरैशी 14 साल के साथ नरसिंहगढ़ गए हुए थे. वहां पर बाबा साहब की मजार पर परिवार के लोग जब दर्शन करने गए उसी दरमियान यह चारों बच्चे सुनार नदी के तट पर आ गए, और वहां पर नहाने लगे. लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण बच्चे उसमें डूब गए. जब स्थानीय लोगों ने उन्हें डूबते और चीख पुकार करते हुए देखा तो तुरंत ही वह नदी में कूद गए और किसी तरह से नियाज और इमरान को नदी से बाहर निकाल लिया. जबकि निशाद कुरैशी और मजीद कुरैशी को वह नहीं निकाल पाए. तेज बहाव में वह कहां बह गए किसी को पता नहीं है. घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को लगी तो वह तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच गए. साथ ही पुलिस को मामले की जानकारी दी. उधर जानकारी लगते ही नरसिंहगढ़ एवं देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. एसडीआरएफ की टीम भी तुरंत ही मौके पर पहुंच गई और बच्चों की खोज भी शुरू कर दी. लेकिन देर रात तक सर्च ऑपरेशन करने के बाद भी निशाद और मजीद का कहीं पता नहीं लगा. आज सुबह फिर से गोताखोरों की एक टीम ने गहराई में जाकर दोनों लापता युवकों को खोजने का सिलसिला शुरू किया है, लेकिन वह अभी भी लापता है. अधिकारियों और एसडीआरएफ टीम के साथ परेशान परिजन भी मौके पर मौजूद हैं.

प्रशासन द्वारा लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है उसके बाद भी लोग नदी के मुहानों पर जाने से नहीं चूक रहे हैं. जिसके कारण ही इस तरह के हादसे से हो रहे हैं. इस पूरी बरसात में ऐसे डेढ़ दर्जन अधिक हादसे से हो चुके हैं. नदी पार करने या नहाने के दौरान नदी में बह जाने के कारण इस सीजन में एक करीब एक दर्जन मौतें हो चुकी हैं. जरा सी मौज मस्ती और लापरवाही के कारण लोग अपनी जान गवा रहे हैं.

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