मार्च 19, 2026

जिला अस्पताल से बच्चा बदले जाने का आरोप, डीएनए टेस्ट की मांग

दमोह. जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक बच्चा बदले जाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है. पति-पत्नी ने बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाने की मांग को लेकर चिकित्सा अधिकारियों एवं कलेक्टर को आवेदन दिया है. अब आला अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं.

      कभी बच्चा चोरी होने कभी मारपीट तो कभी अन्य मामलों में सुर्खियों में रहने वाला दमोह का जिला अस्पताल एक बार फिर बच्चा बदले जाने को लेकर सवालों से घिर गया है. पीड़ित दंपति ने बच्चा बदले जाने के आरोप अस्पताल प्रबंधन पर लगाते हुए बच्चों का डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग की है. दरअसल जबेरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम घाघरी निवासी धर्मेंद्र लोधी ने अपनी पत्नी गंगा लोधी को 18 जुलाई को जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था. नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो सकती थी इसलिए डॉक्टर ने सीजर ऑपरेशन किया था. इसके बाद बच्चा बदले जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ. पीड़ित धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि उसकी पत्नी का सीजर ऑपरेशन हुआ था. उसकी पत्नी ने बेटे या बेटी किसे जन्म दिया है यह नहीं बताया गया. नर्स ने बच्चे को दूर से ही दिखाया तथा उसके बाद उसे मशीन में रख दिया. रात्रि में करीब 11:00 उसे जब संतान के रूप में बच्ची सौंपी गई तो वह दिव्यांग थी. पीड़ित ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन थिएटर में एक अन्य महिला थी जो अस्पताल की कर्मचारी नहीं थी. प्रबंधन की लापरवाही के कारण उसे बदलकर बच्चा दिया गया है. पीड़ित दंपति ने भगवती कल्याण मानव संगठन के साथ मामले की शिकायत सिविल सर्जन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कलेक्टर तथा अन्य अधिकारियों से करते हुए डीएनए टेस्ट की मांग की है. 

अधिकारी क्यों हैं चुप

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग का रवैया भी संदेहास्पद बना हुआ है. संबंधित अधिकारी एवं सीजर करने वाली महिला डॉक्टर तक मामले में कुछ भी कहने से अब बचती नजर आ रही हैं. जब इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश जाटव का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए सिविल सर्जन से पक्ष लेने की बात कही. जब सिविल सर्जन डॉक्टर प्रहलाद पटेल चर्चा की तो उन्होंने अस्पताल के आईएमओ डॉक्टर चक्रेश चौधरी से बात करने के लिए कह दिया. इसके बाद जब डॉक्टर चक्रेश चौधरी से बात की तो उन्होंने टेलीफोन पर संबंधित डॉक्टर एवं ऑपरेशन थिएटर के स्टाफ से फोन पर बात तो की लेकिन बाद में यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया कि उन्हें मामले की जानकारी ही नहीं है. जब इस मामले में ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर सीमा पटेल से बात की तो उन्होंने कहा कि उस दिन चार सीज़र किए थे. मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. मैंने बच्चा ड्यूटीरत बच्चा रोग विशेषज्ञ (डॉक्टर ) को दे दिया था. आप उनसे बात करें जब उनसे संबंधित ड्यूटी डॉक्टर का नाम पूछा गया तो उन्होंने नाम बताने से इन्कार कर दिया. 

पहले भी हुई घटना

अस्पताल सूत्रों का कहना है कि 18 तारीख को तीन महिलाओं के सीजर ऑपरेशन किए गए थे और तीनों महिलाओं ने बच्चियों को ही जन्म दिया था. जबकि ड्यूटी डॉक्टर सीमा पटेल का कहना है कि उन्होंने चार ऑपरेशन किए थे. बच्चा कैसे बदला किसने बदला यह क्या पूरा मामला है इसके बारे में अस्पताल के अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. गौरतलब है  कि यह पहला मामला नहीं है जब अस्पताल में बच्चा बदला गया हो या बच्चा चोरी हुआ हो. इसके पहले भी ऐसे कई मामले हो चुके हैं.

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