मार्च 17, 2026

4 साल की महक ने दी पिता को मुखाग्नि, महाकाल सेवा समिति ने किया अंतिम संस्कार

दमोह. अपने पिता की ट्रेन में मृत्यु हो जाने के बाद 4 साल की एक बेटी ने दमोह शमशान घाट में अपने पिता को मुखाग्नि थी. मृतक खंडवा का रहने वाला था.

कहते हैं कि दुनिया में सारे धर्मों से बड़ा मानवता का धर्म होता है. जिसको मानवता निभाना आ गया समझ लो उसके अंदर ही सारे धर्म अवतरित हो गए. जी हां कुछ ऐसा ही एक मामला दमोह नगर में सामने आया है. यहां पर एक असहाय और लाचार परिवार की मुखिया की मौत होने के बाद नगर में कार्यरत महाकाल सेवा समिति ने मृतक का दाह संस्कार करवाया. दरअसल खंडवा जिले में रहने वाला विकास हाटकार नाम का 26 वर्षीय युवक अपने मामा के साथ मुंबई से खंडवा लौट रहा था. जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई. जीआरपी ने जब अचेत अवस्था में युवक को दमोह स्टेशन पर उतारा और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां डॉक्टर ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी तलाशी ली तो कागजों के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क किया. साथ ही पुलिस को जिस पॉइंट से युवक के लापता होने की सूचना मिली थी उस पॉइंट के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को भी सूचना दी जो कि मृतक का रिश्ते में मामा है. युवक की मृत्यु के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह शव को खंडवा तक वापस ले जाने में सक्षम नहीं थे. ना ही उनके पास इतना पैसा था कि वह दमोह में दाह संस्कार कर सकें. लेकिन इस बीच महाकाल सेवा समिति को घटना की जानकारी मिली और उन्होंने मृतक का दाह संस्कार करवाया.

मुंबई में था मजदूर

मृतक विकास हाटकार मुंबई में रहकर मजदूरी करता था. वह बुधवार की सुबह मुंबई से बनारस के बीच चलने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस कुर्ला एक्सप्रेस में अपने मामा के साथ जनरल बोगी में बैठ गया. कुछ देर बाद वह टॉयलेट चला गया लेकिन लौटकर नहीं आया. कई स्टेशन निकलने के बाद भी जब वह लौटकर नहीं आया तो उसके मामा ने जीआरपी को सूचना दी कि उसका बीमार भांजा चलती ट्रेन से लापता हो गया है. तब जीआरपी ने सभी थाना स्टेशनों को सूचित किया तथा खुद तलाशी अभियान चलाया. कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे दिन गुरुवार को दमोह जीआरपी को मृतक का शव ट्रेन के टॉयलेट में पड़ा हुआ मिला.

महाकाल समिति ने किया संस्कार

महाकाल सेवा समिति के प्रमुख साहिल विरमानी एवं जेपी गोस्वामी ने बताया उन्हें एक शव के अस्पताल में पड़े होने की सूचना मिली थी. इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे तथा जानकारी ली तो पता चला कि मृतक की पत्नी एवं 4 साल की बेटी महक तथा मृतक के मामा ही वहां पर थे. लेकिन उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह को खंडवा ले जा सके, या दमोह में दाह संस्कार कर सके. इसके बाद समिति ने कफन दफन का इंतजाम किया और जटाशंकर मुक्तिधाम में मृतक का दाह संस्कार मृतक की बेटी महक से करवाया. साहिल ने बताया कि युवक भयंकर पीलिया रोग से पीड़ित था तथा उसकी मौत हुए करीब 48 घंटे हो चुके थे. लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था जिसके बाद समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर अंतिम संस्कार करवाया.

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