
दमोह. जिला अस्पताल में एक दिल दहलाने वाला अमानवीय घटनाक्रम सामने आया है. यहां पर एक मरीज ने खुद को धारदार हथियार से बारकर आत्महत्या कर ली. लोग वीडियो बनाते रहे लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है तो डॉक्टर कुछ भी कहने से बच रहे हैॅ.
जिला अस्पताल में आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर घमासान मचा रहता है. अक्सर जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते रहते हैं. लेकिन इन सब के बाद भी अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन मूक बना हुआ है. अस्पताल परिसर सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा गार्ड्स से लैस है. परिसर के अंदर ही पुलिस चौकी भी मौजूद है. जहां पर दो से तीन पुलिसकर्मी हमेशा बनी रहते हैं. लेकिन इन सब के बाद भी देर रात सामने आया. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मानवता पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं. दरअसल ग्राम इमलाई निवासी एक युवक शुभम अहिरवार को देर शाम हैजा की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था. मरीज अस्पताल में भर्ती रहा लेकिन देर रात अचानक उसने वार्ड में ड्रेसिंग के लिए रखी गई एक कैची उठाई और उत्पात मचाने लगा. वह युवा महिला वार्ड में भी घुस गया. जिससे वहां भर्ती महिलाएं डर गई और अपने बच्चों को लेकर इधर-उधर भागने लगी. बाद में इस युवक ने अपने आप को कैची मार मार कर घायल कर लिया. इसी दरमियान जब वह एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर उतरने का प्रयास कर रहा था तो वह सीधा धड़ाम से नीचे फर्श पर आ गिरा. काफी देर तक वह तड़पता रहा और उसकी मौत हो गई. अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन मामले का वीडियो बनाते रहे लेकिन किसी ने भी घायल युवक को उठाने की जहमत नहीं उठाई. आसपास खड़ी नर्स भी उसे मरता देखती रही. लेकिन उन्होंने भी उपचार के लिए कोई प्रयत्न नहीं किया. सुरक्षा व्यवस्था में प्राइवेट सिक्योरिटी के गार्ड भी वहीं पर मौजूद थे, लेकिन उनमें से भी किसी की हिम्मत नहीं हुई कि घायल मरीज को उठाकर वार्ड में शिफ्ट कर सके और उसका इलाज करा सके. जब कुछ ही देर बाद शुभम की मौत हो गई तब उसे चुपचाप देख किसी ने पुलिस को सूचना दी और तुरंत ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार अस्पताल पहुंच गए. वहां पर उन्होंने लोगों से जानकारी एकत्र की तथा मामला पंजीबद्ध करने की निर्देश दिए.
इस घटना से मरीजों में भी आक्रोश व्याप्त है एक महिला मरीज का कहना है कि जब अस्पताल में कोई भी चाकू लेकर आ सकता है तो आप खुद ही समझिए कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है. जब हर गेट पर गार्ड तैनात है तो आखिरकार उसे युवक के हाथ में चाकू कैसे आ गया. वही इस मामले में कोतवाली टीआई मनीष कुमार का कहना है कि हमें जानकारी मिली थी जब हम यहां पर पहुंचे तो युवक की मौत हो चुकी थी उसके हाथ में हथियार पहले से था या उसने वार्ड से ही कहीं से हथियार प्राप्त किया है इस मामले की हम जांच कर रहे हैं यह पूरा मामला मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है ऐसी में हम हर पहलू पर गंभीरता से जांच करेंगे जबकि अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में फिलहाल कुछ नहीं कहा. जबकि इस मामले में ड्यूटी रत डॉक्टर पीयूष नेमाडे का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति घायल अवस्था में लाया गया है. जब मैंने जाकर उसकी जांच की तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटनाक्रम क्या है इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है.

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