
दमोह. दमोह छतरपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. यह दुर्घटना एक सरकारी वाहन के तेज रफ्तार की कारण घटित हुई. वाहन चालक गिरफ्तार है या फरार पुलिस इस बात का खुलासा नहीं कर रही है.
आज सुबह दमोह छतरपुर स्टेट हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. हादसा नरसिंहगढ़ के समीप मारा ग्राम के निकट हुआ. बताया जाता है कि अभाना के पास ग्राम बांदो पहाड़ निवासी तीन लोग ग्राम जेरठ से बारात करके लौट रहे थे. बताया जाता है की एक सरकारी फॉर्च्यूनर गाड़ी एमपी 03 ए 8643 ने मारा गांव के पास सामने से आ रही एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि फॉर्च्यूनर गाड़ी भी आगे से बुरी तरह डैमेज हो गई. जबकि बाइक सवार तीनों युवक उचित कर दूर जा गिरे और उनके सर फट गए तथा हाथ पैर में भी संघतिक चोट लगने से उनकी घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. बताया जाता है कि मृतक बांदों पहाड़ निवासी गेंदालाल अहीरवाल का 25 वर्षीय बेटा चंदन एवं उसके दो साथी ग्राम के ही निवासी संदीप एवं सोनू अहिरवार बाइक पर सवार थे. यह तीनों लोग कल रात बांदो पहाड़ से जेरठ ग्राम एक बारात में गए हुए थे. आज सुबह जब वहां से लौट रहे थे उसी दरमियान 100 से भी तेज रफ्तार पर आ रही एक फॉर्च्यूनर गाड़ी ने इन्हें टक्कर मार दी. हालांकि पुलिस इस मामले में कोई भी जानकारी देने से बच रही है. गाड़ी कहां से कहां जा रही थी, यह गाड़ी किसके किसके नाम पर रजिस्टर्ड है? इसकी जानकारी फिलहाल पुलिस ने नहीं दी है. पुलिस तो यह भी कहने से बच रही है की गाड़ी किस कंपनी की है. आखिर पुलिस पूरे मामले का खुलासा क्यों नहीं कर रही है, पुलिस किसको बचाने का प्रयास कर रही है. सीएसपी अभिषेक तिवारी ने ईटीवी भारत को बताया कि मृतक तेजगढ़ थाना क्षेत्र के बांदो पहाड़ निवासी थे. यह तीनों युवक एक बाइक पर सवार थे. एक वाहन की टक्कर से इन तीनों की मौत हो गई. यह कहां से कहां आज रहे थे इसकी हम जांच कर रहे हैं. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है. इसके आगे की कोई भी जानकारी उन्होंने नहीं दी. प्रत्यक्षदशिॅयों का कहना है की कार इतनी तेज रफ्तार में थी कि हादसा कब हो गया यह देखने वाले भी नहीं समझ पाए. कार के बाजू से ही एक बड़ा पार्सल वाहन चल रहा था.
*एकलौता था मृतक*
मृतक चंदन के पिता गेंदालाल ने बताया कि उनका बेटा गांव की दो लड़कों के साथ बारात में गया हुआ था उनकी केवल दो संतान है जिसमें यह एक लोटा लड़का है एवं इससे छोटी एक बेटी है 4 साल पहले ही बेटे की शादी हुई थी और उसका भी एक डेढ़ साल का बेटा है इस घटना की बात पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है पूरे गांव में तीन मोटे होने की घटना के कारण मातम छाया हुआ है.
*तो बच जाती जान *
प्रत्यक्ष दर्शियों कहना है कि जिस जगह पर यह घटना हुई वहां पर एक मोड़ भी है. जिसके कारण यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं. तीन दिन पहले ही एक युवक की मौत हो गई थी. वहीं 15 दिन पहले किशुनगंज निवासी एक परिवार के तीन लोग माता-पिता और बेटी की भी इसी तरह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. इन घटनाओं में एक बात सामान्य है की बाइक सवार तीनों ही हादसों के मृतक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे. यदि यह लोग हेलमेट लगाए होते तो संभव है कि उनकी जान बच सकती थी.

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