मार्च 17, 2026

घरातियों ने बारातियों को धुना, बिना दुल्हन लिए लौटे बाराती

दमोह. जयमाला के दौरान दुल्हन पक्ष के लोगों ने बारातियों को जमकर धुन दिया. वहीं दुल्हन ने विदाई से इंकार कर दिया. जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने एसपी ऑफिस पहुंच अपनी शिकायत दर्ज कराई. मामला तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र का.

        जिले की कुम्हारी ग्राम से बारात लेकर तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र की ग्राम रिचकुड़ी पहुंचे बारातियों को सम्मान और दुल्हन तो नहीं मिली लेकिन बदले में उनकी धुनाई जरूर हो गई. मामला सुनने पढ़ने में अजीबोगरीब जरूर लगता है लेकिन यह घटना उस समय हुई जब जयमाला कार्यक्रम चल रहा था. दरअसल कुम्हारी निवासी अमर सिंह अपने बेटे शिवम की बारात लेकर 13 मई को रिचकुड़ी मोहन गौंड के यहां गए थे. वहां पर भोजन के बाद जब जयमाला कार्यक्रम चल चल रहा था. उसी दरमियान दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद इस कदर बढ़ा की लड़की पक्ष के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बारात में दूल्हा के पिता सहित सभी लगभग 40 बारातियों को जमकर धुन दिया. इसके बाद पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज करने तेंदूखेड़ा थाना पहुंचा. लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने की बजाय दूसरे पक्ष को भी थाने तलब कर लिया. इसके बाद गांव के पंच और सरपंच भी पहुंचे. सभी ने यह तय किया कि लड़की पक्ष द्वारा चढ़ाया गया जेवर कपड़े तथा अन्य सामान वापस नहीं किया जाएगा साथ ही पुलिस की मौजूदगी में ही राजीनामा लिखवा लिया गया. घटना के बाद आज लड़का पक्ष के लोग एसपी ऑफिस पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई. 

  दूल्हे की दादा बेनी प्रसाद गौंड ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की बल्कि उन्हें थाने में बंद कर दिया और गालियां भी दी. पुलिस के दबाव में ही हमने राजीनामा लिखा था. क्योंकि वहां पर हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कधाब आधा किलो चांदी के जेवर सोने का मंगलसूत्र, कपड़े सहित करीब डेढ़ लाख रुपए का सामान लड़की वालों के पास ही है. लेकिन उन्होंने वह सामान देने से इंकार कर दिया. विवाद का कोई कारण भी नहीं था लेकिन उन्होंने जबरन मेरी बेटे और दूल्हे के  पिता अमर सिंह सहित सभी बारातियों के साथ मारपीट की है. किसी को सिर में चोट आई तो किसी को हाथ में. बेनी प्रसाद का कहना है कि हमें हमारा जेवर और कपड़े आदि दिए हैं वह वापस किए जाएं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब हमने मार पीट की घटना के बाद भी दुल्हन की विदाई करने के लिए निवेदन किया तो उन्होंने लड़की की विदाई नहीं की बल्कि परिवार की महिलाएं रोने लगी और उनका कहना था की दुल्हन खुद ही लड़के के साथ जाना नहीं चाहती है. वही इस मामले में तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी नितेश जैन का कहना है कि वह घटना के समय थाना क्षेत्र से बाहर थे उनके सामने है मामला नहीं आया है.

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