
दमोह. ग्राम महूना में हुई एक अनोखी शादी में बारातियों को गिफ्ट के रूप में हेलमेट का अनोखा तोहफा दिया गया और इसकी शुरुआत लक्ष्य फाउंडेशन के प्रयासों से हुई है. बुंदेलखंड में एक अनोखी शादी से एक नई शुरुआत हो चुकी है. बीती रात जिले के ग्राम महूना में संपन्न हुए विवाह कार्यक्रम में 50 बारातियों को हेलमेट प्रदान किए गए. न केवल उन्हें हेलमेट दिए गए बल्कि उन्हें हेलमेट देकर इस बात का संकल्प भी कराया गया कि वह अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जब भी दो पहिया वाहन चलाएं तो हेलमेट का इस्तेमाल जरूर करें. इसके अलावा वह अन्य लोगों को भी हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करें. अब इस शादी की चर्चाएं खूब वायरल हो रही हैं.
दरअसल ग्राम सेमरा रामनगर के सुरेंद्र सिंह ठाकुर के बेटे मनीष का रिश्ता ग्राम महूना निवासी मूरत सिंह ठाकुर राव साहब की सुपुत्री शुभम कुमारी के साथ तय हुआ था. कल रात जब लड़की वाले बारात लेकर ग्राम महूना पहुंचे तो स्वागत सत्कार एवं वैवाहिक रस्मों के उपरांत बारातियों को एक मंच पर बुलाकर उन्हें तोहफे के रूप में एक-एक हेलमेट प्रदान किया गया. सभी बारातियों ने वह हेलमेट पहनकर फोटो सेशन भी कराया. दमोह में संचालित सामाजिक संगठन लक्ष्य फाउंडेशन इस समय अलग तरह के कार्य करने की मुहिम चला रहा है. इसी मुहिम के रूप उन्होंने दमोह जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटना और उन दुर्घटनाओं में बढ़ती मृत्यु दर को देखते हुए हेलमेट बांटने के कॉन्सेप्ट पर काम शुरू किया. इसकी शुरुआत उन्होंने ग्राम महूना में संपन्न हुए विवाह समारोह से करवाई. इसके लिए उन्होंने ग्राम महुना की मूरत सिंह ठाकुर से चर्चा की, तथा उन्हें इस बात के लिए तैयार किया कि वह बारातियों को जो गिफ्ट दे रहे हैं उससे हटकर कुछ अच्छा और ऐसा गिफ्ट दें जिससे कि वह जीवन भर के लिए यादगार बन जाए.
असल में बुंदेलखंड में बारातियों को गिलास, टिफिन, पानी की बोतल, कपड़े या अन्य सामग्री विदाई के तौर पर गिफ्ट देने का प्रचलन सदियों से चला आ रहा है. लेकिन अब इस चलन को एक नई दिशा लक्ष्य फाउंडेशन ने दी है. जब बारातियों को हेलमेट दिए गए और उनसे उन्हें पहनने का आग्रह संकल्प कराया गया तो बाराती भी भावुक हो गए. सभी ने हेलमेट पहने और यह विश्वास दिलाया कि वह जब भी वाहन चलाएंगे तो हेलमेट अवश्य लगाएंगे. लक्ष्य फाउंडेशन का कहना है कि हमने इसकी शुरुआत कर दी है और लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि वह 100 लोगों को गिफ्ट न देकर यदि उनकी क्षमता कम है तो 10 लोगों को ही हेलमेट का वितरण जरूर करें. इसके लिए पूरी तरह प्रयास किए जा रहे हैं. ताकि दमोह में प्रत्येक वाहन चालक हेलमेट अवश्य लगाए तथा मृत्यु दर को रोका जा सके.

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