September 10, 2026

चार जगह सर्व दो ग्रामों से निकली कर्क रेखा, देश के पटल पर उभरेगा दमोह

दमोह. दमोह जिला अब उन जिलों में शुमार हो गया है जहां से कर्क रेखा गुजरती है. सर्वे आफ इंडिया ने दमोह जिले के दो ग्रामों को चिन्हित किया है. अब यहां पर ठीक उन पॉइंट को चिन्हित किया जाएगा जहां से कर्क रेखा गुजरती है. जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

       दमोह जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. खबर यह है कि दमोह जिला प्रदेश ही नहीं देश के उन विशिष्ट जिलों में शामिल होने जा रहा है जहां से कर्क रेखा गुजरती है. दमोह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि की बात यह है कि एक नहीं बल्कि दो ऐसे बिंदु चिन्हाकित किए गए हैं जहां से कर्क रेखा गुजरती है. पुरातात्विक, ऐतिहासिक धरोहर तो दमोह जिले में खूब हैं लेकिन पर्यटन की भी बहुत संभावनाएं अपने आप में समेटे हुए यह जिला एक और उपलब्धि की ओर कदम बढ़ा रहा है. दरअसल भारत की सर्वे आफ इंडिया एजेंसी से दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने संपर्क दमोह का सर्वे करने के लिए आग्रह किया था. इसके बाद जब टीम आज दमोह पहुंची तो उसने दमोह जिले के दो ग्रामों को कर्क रेखा के लिए चिन्हांकित किया. भारत सरकार के सर्वे आफ इंडिया में डेप्युटी सर्वेयर वेद प्रकाश पाटीदार ने बताया कि आज दमोह के दो ग्रामों के चार स्थानों का सर्वे टोपिया ऑफ कैंसर लाइन के लिए चेक ऑफ मेथड पद्धति से किया गया है. इसके बाद हम फाइनल करेंगे जहां से कैंसर लाइन गुजरती है. वही कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इसे दमोह के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि दमोह जिला पुरातात्विक धरोहर की दृष्टि से काफी समृद्धशाली है. हमें इस बात के प्रमाण मिले थे कि दमोह से कर्क रेखा गुजरती है. इसके बाद हमने सर्वे आफ इंडिया से संपर्क किया था. करीब 10 लोगों की टीम तेंदूखेड़ा आई थी. करीब तीन-चार घंटे तक उन्होंने सर्वे किया और दमोह के अभाना तेंदूखेड़ा तथा तेंदूखेड़ा से रहली मार्ग पर बगदरी में सर्वे किया है. संभवत है कल वह फाइनल जगह पर पेंट करके उसे चिन्हांकित कर देंगे.

क्या होगा इससे 

दमोह जिला सिर्फ पुरातात्विक और ऐतिहासिक अवशेषों से ही भरा पड़ा नहीं है, बल्कि पर्यटन और धर्म की दृष्टि से भी काफी समृद्धशाली है. दमोह जिला में बनने वाला रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है. इसके अलावा यहां पर हजारों वर्ष पुराने ऐतिहासिक किले, प्रतिमा, चारों ओर सघन वन संपदा, कई तरह के वन्य प्राणी यहां पर अपनी आरामगाह बनाए हुए हैं. इसके अतिरिक्त उत्तर की ओर पन्ना टाइगर रिजर्व, पश्चिम की ओर नौरादेही अभयारण्य बसे हुए हैं. इसके अलावा कुंडलपुर एवं बांदकपुर जैसे विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थल मौजूद हैं. इनके कारण यहां पर वर्ष भर धार्मिक श्रद्धालुओं के अलावा लोगों का आना-जाना बना रहता है. अब कर्क रेखा के बिंदु मिलने के बाद यहां पर पर्यटन की संभावना है और अधिक बढ़ेगी जिसका लाभ जिले के लोगों को होगा.

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