दमोह. कोतवाली पुलिस ने भारी मात्रा में स्थानीय जटाशंकर क्षेत्र से एक चार पहिया वाहन से गांजा बरामद किया है. जिले में लगातार गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के पकड़े जाने के मामले सामने आ रहे हैं. इसको लेकर पुलिस अधीक्षक ने चिंता जाहिर की है.
शराब और गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की दमोह जिले में बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है. इसके तार अंतर राज्यीय गिरोहों से जुड़े हुए हैं. जिस तरह से दमोह जिले में लगातार गांजा एवं अन्य मादक पदार्थ लगातार पकड़े जा रहे हैं उससे एक बात जाहिर हो गई है कि अब दमोह जिला मादक पदार्थों की न केवल एक बड़ी मंडी बनता जा रहा है बल्कि जिस तरह से दमोह के युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं वह उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता दमोह की ओर जा रहे हैं. पुलिस अधीक्षक ने कंट्रोल रूम में एएसपी संदीप मिश्रा, सीएसपी अभिषेक तिवारी, टीआई कोतवाली आनंद राज की मौजूदगी में खुलासा किया.
ताजा मामला स्थानीय जटाशंकर कॉलोनी का है. यहां पर पुलिस ने एक कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है. जिसका बाजार में थोक मूल्य करीब 10 लाख रुपए है. जबकि यही गांजा जब छोटे-छोटे पैकेट में शहर में बेचा जाता है तो उसकी कीमत 6 गुना बढ़कर करीब 60 लाख रुपए हो जाती है. मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया गांजा मादक पदार्थ सहित 4 आरोपी पकड़े गए हैं. आरोपियों में छोटू उर्फ स्वप्निल जैन निवासी कुलूआ नोहटा, दीपू उर्फ संदीप जैन पुराना बाजार नंबर एक, छुट्टन उर्फ छत्रपाल पटेल उम्र 36 वर्ष धर्मपुरा और गुड्डा लोधी कचुरिया टपरिया पटेरा से कार क्रमांक एमपी 20 सीडी 0204 आई 20 स्लेटी कलर की (कीमत करीबन 6 लाख) अवैध गांजा पकड़ा गया. इस कार्रवाई में टीआई आनंद राज, एएसआई राकेश पाठक, प्रधान आरक्षक अजित दुबे, प्रधान आरक्षक सूर्यकांत पांडे,आरक्षक ओमप्रकाश रैकवार, कृष्ण कांत लोधी, आरक्षक नरेंद्र पटेरिया, आरक्षक आकाश पाठक सहित कोतवाली पुलिस का योगदान रहा.

कहां रखा था गांजा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गांजा कार की डिक्की के अलावा सीट के नीचे तथा गाड़ी में अन्य स्थान जहां पकड़ना मुश्किल होता है छुपा कर रखा गया था. उन्होंने बताया कि गांजा की पैकिंग और तरीका देखकर उड़ीसा से आया होगा. इन आरोपियों के तार कहां से जुड़े हुए हैं? उड़ीसा में इनका कोई वेंडर है या किसी अन्य माध्यम से गांजा आया है ? दमोह में कहां-कहां सप्लाई होता है उसकी भी हम जांच कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इन आरोपियों का हम नेशनल रिकॉर्ड भी देख रहे हैं. यदि यह पूर्व से आरोपी है या इनका केवल दमोह में रिकॉर्ड दर्ज है तो उसकी सूचना हम अन्य राज्यों को भी देंगे ताकि वहां पर यदि उनके तार जुड़े हुए हो तो वहां पर भी इन पर प्रकरण दर्ज किया जाए.
मादक पदार्थों की मंडी
दमोह जिले में सिर्फ गंजा ही नहीं बल्कि अन्य मादक पदार्थ भी पहुंच रहे हैं पिछले कुछ समय से यह एक बड़ा व्यापार बन गया है. बीते वर्ष ही दमोह में लाखों रुपए की हीरोइन बरामद की गई थी. इसके अलावा अगस्त के महीने में ही पथरिया के एक गांव में पुलिस ने करीब 4 क्विंटल गांजा की खेती नष्ट की थी. उसके ठीक पहले पिछले वर्ष ही पथरिया में एक मालगाड़ी के डिब्बे की जांच करने पर एक खाली डिब्बे से करीब पांच बोरा गांजा बरामद किया गया था. लेकिन मौके पर कोई आरोपी न होने के कारण वह गांजा किसने लोड किया दमोह में किसने मंगवाया इसकी जानकारी नहीं लग पाई थी. ड्रग्स के कारण ही पिछले साल दो युवक काल के गाल में समा गए थे.

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