मार्च 17, 2026

तेजगढ़ के सहकारी बैंक में 7 लाख 50 हजार रुपए की चोरी

दमोह. सहकारी बैंक में देर रात चोरों ने दीवाल में छेद करके 7 लाख 50 हज़ार रुपए पार कर दिए. गनीमत रही की 14. 50 लाख रुपये चोरों की नजर से बच गए. मामला तेजगढ़ थाना क्षेत्र का है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

     जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित सहकारी बैंक में देर रात चोरों ने दीवाल में सुराख करके चोरी की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया है. दीवाल में छेद करने के साथ ही उन्होंने खिड़की तोड़ दी. लॉकर का एक दराज भी उन्होंने तोड़ दिया. जिसमें 7 लाख  50 लख रुपए रखे हुए थे. जबकि चोरों ने एक दूसरी दराज को खोलने या तोड़ने का प्रयास किया लेकिन संभवत:  उसमें या तो सफल नहीं हो पाए या फिर उसे दराज में रखे 14 लाख 50 हजार रूपयों पर उनकी नजर से नहीं पड़ पाई. अन्यथा यह चोरी 22 लाख रुपए की होती. हालांकि मामला पूरा संदिग्ध बना हुआ है. घटना 4 और 5 तारीख की दरमियानी रात की बताई जा रही है. दरअसल 5 तारीख को सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक थी. जिसमें जिले भर के आला अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई थी. इसके अलावा आम जनता भी सिंग्रामपुर पहुंची थी. जिसके कारण मामला पहले दिन तो चोरी की किसी को भनक नहीं लगी और मामला दब गया. इस बीच बैंक के प्रबंधक पंकज मिश्रा ने मामले की शिकायत तेजगढ़ पुलिस थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने डॉग स्क्वाड और एफएसएल टीम के सहयोग से चोरों का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन प्राथमिक तौर पर उन्हें सफलता नहीं मिली. हालांकि पुलिस अभी भी हर पहलू पर जांच कर रही है. साथ ही माॅडस ऑपरेंडी के आधार पर कौन लोग चोर हो सकते हैं ? इसका पता लगाने का भी प्रयास कर रही है. पूरे मामले में सबसे ज्यादा जो संदिग्ध बात सामने आई है वह यह है कि जब चोर चोरी करने के उद्देश्य से आए ही थे तो वह केवल 7.50 लाख रुपए ही क्यों ले गए. 14.50 लख रुपए क्यों छोड़ दिए ? जब वह एक दराज तोड़ सकते हैं तो क्या उन्होंने दूसरी दराज तोड़ने का प्रयास नहीं किया होगा या वह उसमें असफल रह गए?  इन सारे सवालों के जवाब बैंक प्रबंधन देने से बच रहा है. बैंक के अधिकारी इस मामले में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. चोरों ने जब दीवाल में छेद कर लिया और लोहे की खिड़की भी तोड़ दी तब उनके लिए एक मामूली सी दराज खोलना या तोड़ना कौन सा मुश्किल काम था. यही बात पुलिस को भी हजम नहीं हो रही है. जब 7.50  लाख रुपए चोरी हो गए लेकिन 14.50 लाख रुपए आखिर कैसे बच गए. तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद पटेल ने बताया कि चोरों ने बैंक के पीछे वाली दीवार में छेद करके चोरी की है. यह बात सही है कि बैंक में 22 लाख रुपए रखे थे. जिसमें से चोर 7.50 लाख रुपए ले गए हैं. संभव है कि उनकी नजर 14.50 लाख रुपए पर नहीं पड़ पाई या वह दराज नहीं खोल पाए. शायद इसलिए बच गए होंगे. लेकिन हम हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रहे हैं.

पहले भी हुई वारदातें 

बैंकों में चोरी या लूट की यह पहली वारदात नहीं है. इसी साल एक बड़ी लूट की वारदात फतेहपुर के मध्यांचल ग्रामीण विकास बैंक में हुई थी. जिसमें करीब 42 लाख की राशि लूट की गई थी. जिसका पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया था. जिसमें बैंक के कर्मचारी ही लूट की वारदात को अंजाम देने के षड्यंत्र में शामिल निकले थे. इसी तरह तेंदूखेड़ा क्षेत्र के एक निजी एनबीएफसी बैंक के मैनेजर से भी लाखों रुपए की लूट की गई थी. उसका खुलासा भी पुलिस ने कर दिया था. जिसमें बैंक प्रबंधक के परिचित ही आरोपी निकले थे.

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