मार्च 17, 2026

जर्जर भवन में कैसे पढ़ेगा इंडिया ?

दमोह. शिक्षा विभाग कई मासूमों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है. ग्राम शाहपुर में संचालित प्राइमरी स्कूल के हालात ऐसे हैं कि किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है न केवल छत बल्कि दीवारें भी धराशाई हो सकती हैं. उसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं.

    पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया, सरकार का यह नारा दमोह जिले में दूर की कौड़ी साबित हो रहा है. यहां पर स्थिति ऐसी है कि न तो पड़ेगा इंडिया और न बढ़ेगा इंडिया, का वाक्यांश चरितार्थ होता दिख रहा है. हम बात कर रहे हैं जिले के पथरिया पथरिया विधायक एवं प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल के क्षेत्र में आने वाले सोनकिया शाहपुर ग्राम के प्राथमिक स्कूल की. कक्षा पहली सी पांचवी तक संचालित होने वाले शाहपुर के प्राथमिक स्कूल की छत बारिश में ऐसे टपक रही हैं जैसे स्कूल में छप्पर ही ना हो, और दीवारों से पानी ऐसे रिस रहा है जैसी मिनी वॉटरफॉल हो. यहां पर बच्चे पढ़ने के लिए तो आते हैं लेकिन वह पढ़ नहीं पाते, क्योंकि बारिश का पानी पूरे फर्श पर भर जाता है. बच्चों के कपड़े और बैग गीले हो जाती हैं. ऐसा नहीं है कि मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नहीं है लेकिन उसके बाद भी वह देखकर नजर अंदाज कर रहे हैं. मानो वह किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं. सागर जिले के शाहपुर में हुई घटना के बाद कलेक्टर ने जर्जर भवनों को गिराने की आदेश भी जारी किए थे. दमोह में भवन गिराए भी गए हैं. लेकिन सरकारी स्कूलों को न तो सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया गया और न ही जर्जर भवन गिराया न उनकी मरम्मत की गई.

भवन जर्जर है

स्कूल में पदस्थ शिक्षक दीपक मिश्रा बताते हैं कि वह करीब 1 वर्ष से यहां पर पदस्थ हैं. जब वह स्कूल आए थे तो स्कूल में कुछ सुधार कार्य भी कराया था. स्कूल भवन काफी जर्जर अवस्था में है. अभी इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार भी किया गया है. उम्मीद है की शीघ्र ही इसका निराकरण किया जाएगा. स्कूल कक्षा पांचवी तक संचालित है जिसमें 33 बच्चे दर्ज हैं.

बीआरसी का दावा वीडियो पुराना

वहीं क्षेत्र के ब्लॉक स्त्रोत समन्वयक जेके जैन दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो पुराना है. जब यह वीडियो सामने आया था तभी उन्होंने अस्थाई तौर पर सीमेंट आदि से कुछ कार्य कराया था. वैसे भी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए. इस संबंध में आज ही स्कूल के प्रभारी से बात करता हूं और जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी. लेकिन श्री जैन ने यह नहीं बताया कि जब वह खुद बीआरसी हैं तो उसके बाद भी जर्जर भवन में स्कूल संचालित क्यों हो रहा है ? कक्षाओं को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने के लिए किसका इंतजार कर रहे हैं.

एसडीएम बोले दिखावाता हूं

जबकि इसी मामले में एसडीएम निकेत चौरसिया कहते हैं कि आपके मार्फत यह मामला मेरे संज्ञान में आया है. मैं इसे तुरंत दिखाता हूं. यदि स्कूल भवन बच्चों के लिए असुरक्षित और जर्जर है तो तुरंत ही दूसरी जगह कक्षाएं शिफ्ट की जाएंगी.

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