मार्च 17, 2026

7 फीट का मगरमच्छ घुसा रहवासी क्षेत्र में, ग्रामीणों में दहशत. ..

दमोह. केवलारी बीट में एक 7 फीट का मगरमच्छ निकालकर घर के बाड़े तक आ गया. वन विभाग ने उसका रेस्क्यू कर सिंगौरगढ़ के जलाशय में छोड़ा है.
चारों तरफ से घने जंगल, टाइगर रिजर्व, नौरादेही अभयारण्य से घिरे दमोह जिले में बारिश का मौसम आते ही मगरमच्छ निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं. सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि यह मगरमच्छ तालाब और नदियों से निकलकर रहवासी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं. ताजा मामला तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली केवलारी बीट का है. यहां पर 7 फीट का है एक लंबा मगरमच्छ जंगल से निकलकर के गांव में पहुंच गया. जब मगरमच्छ बाड़े के अंदर घुसने का प्रयास कर रहा था उसी समय वह बाड़े में लगाए गए लकड़ी के गेट में फस गया. इसी दरमियान जब परिजनों की और ग्रामीणों की नजर मगरमच्छ पर पड़ी तो उन्होंने मामले की सूचना तुरंत ही वन विभाग दी. इसके बाद वन हमला मौके पर पहुंचा और मगरमच्छ को पकड़कर उसका रेस्क्यू किया गया. बाद में मगरमच्छ को सिंगौरगढ़ के जलाशय में छोड़ दिया गया. गौर तलब है की बारिश का मौसम आते ही यह मगरमच्छ रहवासी क्षेत्रों में घुसने लगते हैं. हाल ही में मगरमच्छ ने दो लोगों पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था. ग्रामीणों ने किसी तरह है उन दो लोगों की जान बचाई थी. तो वहीं एक बच्चे को अपना शिकार बना लिया था. इन घटनाओं के बाद अब ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. जिसके कारण वह मगरमच्छ और अजगर निकालने की घटनाओं से परेशान हैं. बता दें की दमोह जिले में देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बन रहा है. इसके साथ ही जिले में घने जंगल भी हैं. उत्तर की ओर पन्ना टाइगर रिजर्व, दक्षिण की ओर नौरादेही अभयारण्य, पूरब की ओर रानी दुर्गावती अभ्यारण बसा हुआ है. जिसके कारण यहां पर जंगली जीवों का रहवास है. यह जंगली जीव ज्यादा रहवासी क्षेत्र में आ जाते हैं. डीएफओ एमएस उईके ने बताया कि मगरमच्छ को सिंगौरगढ़ के तालाब में छोड़ दिया गया है. सिंगौरगढढ़ तालाब में मगरमच्छ को छोड़ा है वहां पर करीब 15 से अधिक मगरमच्छों का कुनवा तैयार हो गया है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अकेले नदी और जंगलों की तरफ ना जाएं. रात के समय में विशेष तौर से इसका ध्यान रखें. यदि वह मगरमच्छ या किसी खतरनाक जीव को देखते हैं तो तुरंत ही इसकी जानकारी संबंधित परिक्षेत्र अधिकारी को दें. इससे होने वाली घटनाओं को रोका जा सकेगा.

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