
दमोह. भारी बारिश के कारण पेड़ पर चढ़कर दो युवकों ने अपनी जान बचाई. रात भर वह पेड़ पर चढ़े रहे. उन्हें अल सुबह एसडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू कर सुरक्षित निकाला. मामला केरबना क्षेत्र का है.
बेवस नदी में मछली पकड़ने गए दो युवकों को भारी पड़ गया. मछलियां तो नहीं मिली लेकिन उनकी जान पर बन आई. दरअसल केरबना निवासी सुनील पादरी और संजय पादरी मछली पकड़ने के लिए भारी बारिश के बीच रविवार को बेवस नदी पर गए हुए थे. उन्हें मछली पकड़ने के दौरान इस बात का ध्यान ही नहीं रहा की नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. जिस जगह से जब वह मछली पकड़ रहे थे वहां तक नदी का पानी आ पहुंचा तो उनके निकालने के सारे रास्ते बंद हो गए. वह दोनों एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गई और उन्होंने वहां से जोर-जोर से आवाज लगाना शुरू किया. उधर देर शाम तक जब वह दोनों अपने घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तत्काल ही मामले की सूचना पुलिस को दी. साथ ही यह बताया कि वह नदी पर मछली पकड़ने के लिए गए हुए थे. वहां से अब तक नहीं लौटे हैं. उधर दूसरी ओर आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने जब आवाज सुनी तो उन्होंने भी मामले की सूचना पुलिस दी कि दो युवक पेड़ पर फंसे हुए हैं. शाम हो चुकी थी और वहां पहुंचने का कोई रास्ता नहीं था. ऐसे में एसडीआरएफ की टीम, होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट हर्ष जैन तथा पुलिसकर्मी 4 किलोमीटर का कीचड़ भरा सफर तय करके किसी तरह नदी के एक मुहाने पर पहुंचे. लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि वहां पर वोट ले जाना संभव नहीं था. इसलिए उन्होंने मामले की सूचना तुरंत ही जिला प्रशासन को दी. इसके अलावा पगरा बाँध से छोड़े जा रहे पानी को भी बंद करने के लिए मदद मांगी. जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी तुरंत ही सक्रिय हुए और उन्होंने जल विकास निगम को पगरा डैम के गेट बंद करने के आदेश दिए. गेट बंद होने के कारण पानी का बहाव तो कम हो गया लेकिन उसके बावजूद उन्हें निकलना संभव नहीं था.

बार-बार प्रयास किए गए लेकिन हर बार वोट पानी में जाते ही तेज बहाव के साथ बहने लगी. इस तरह रात में रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हो पाया. रात भर दोनों युवक पेड़ पर ही टंगे रहे. सुबह जब पानी की धार कम हुई तब करीब 4 से 5 बजे के बीच एक बार फिर से एसडीआरएफ की टीम ने वोट को पानी में उतारा और धीरे-धीरे करके किसी तरह नदी के दूसरे मुहाने तक पहुंचे. वहां पर दोनों युवकों को पेड़ पर से नीचे उतर कर उन्हें वोट में बिठाया और उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट हर्ष जैन ने बताया कि जब उन्हें सूचना मिली तो वह लोग कीचड़ भरे सफर को तय करके नदी के दूसरे छोर तक पहुंचे. लेकिन तेज बहाव के कारण रेसक्यू नहीं कर पा रहे थे. हम लोग रात भर वहीं पर डेरा डाले रहे और जब पगरा डैम के गेट बंद हो गए पानी की धार कम हुई. उसके बाद सुबह-सुबह उन दोनों युवको का रेस्क्यू किया गया है. उधर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के अनुसार रात में ही रेस्क्यू को असफल होता देख मामले की सूचना प्रदेश सरकार को भी दी गई थी. साथ ही एक हेलीकॉप्टर की मदद भी मांगी गई थी. लेकिन हेलीकॉप्टर सुबह आता उसके पूर्व ही अधिकारियों ने दोनों युवकों का रेसक्यू कर उन्हें सुरक्षित घर तक छुड़वाया.

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