
दमोह. जिले की बटियागढ़ तहसील के एक गांव में लोगों को बारिश के दौरान घुटनों तक और पानी में से होकर निकलना पड़ता है. एक दशक से यह समस्या व्याप्त है, लेकिन उसके बाद ही इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.
जिले के कई ग्रामीण अंचलों के हाल बेहाल हैं. कहीं सड़क नहीं है तो कहीं बिजली की समस्या है. जिले में चार विधायकों में से दो विधायक तो प्रदेश सरकार में मंत्री हैं. हम जिस ब्लॉक के जिस गांव की बात कर रहे हैं उस क्षेत्र के विधायक तो ग्रामीण अंचल से ही आते हैं. वह कृषक भी हैं और इस विधानसभा से दूसरी बात विधायक बनने के बाद अब प्रदेश सरकार में पशुपालन मंत्री हैं. हम बात कर रहे हैं मंत्री लखन पटेल के विधानसभा क्षेत्र पथरिया के अंतर्गत आने वाले बटियागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत मेनवार के ग्राम मोटेहार की. यहां पर एक दशक से सड़क नहीं है. बारिश के दौरान यहां की सड़क कीचड़ और पानी के कारण एक नहर बन जाती है. लोगों को यदि किसी काम से गांव से बाहर जाना हो तो उन्हें घुटनों तक अपने पेंट को ऊपर करना पड़ता है. जूते और चप्पल हाथ में लेकर सामान को कंधे और सर पर लादकर पैदल निकलना पड़ता है. यदि मरीज बीमार पड़ जाए तो उसे ट्रैक्टर से या फिर चारपाई पर रखकर चार लोग गांव के बाहर ले जाते हैं. यह हाल उस हकीकत को बयां कर रहा है जहां पर देश चांद के दक्षिणी ध्रुव पर तो पहुंच गया है लेकिन मंत्री और प्रशासन की नजरे संभावत: इस गांव तक नहीं पहुंची हैं. क्षेत्र के मेनवार पंचायत के मोटेहार गांव सड़क के मामले में निर्वासित है. गांव की कालीबाई बताती हैं कि हमारे यहां 10 साल से सड़क नहीं है सचिव सरपंच से लेकर सबको पता है. लेकिन कोई कुछ नहीं करता घुटनों तक पानी और कीचड़ भरा रहता है. उसी में से निकलना पड़ता है. कोई बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर लेकर अस्पताल जाना पड़ता है. हम यही चाहते हैं कि यहां पर पक्की सड़क बन जाए. यह सड़क न बने तो कम से कम रोड चलने लायक तो हो ही जाए. बताया जाता है कि इस गांव में करीब 50 परिवार निवासरत हैं. कच्ची सड़क का यह टुकड़ा करीब 800 मीटर है. गांव में स्कूल नहीं है. इसलिए दूसरे गांव बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है. छात्र रमादेवी बताती है कि जब अधिक बारिश हो जाती है और सड़क पर कीचड़ और पानी हो जाता है तो हम लोग हफ्तों हफ्तों तक स्कूल नहीं जा पाते हैं. यदि कोई बीमार पड़ जाए फिर तो उसकी शामत ही आ जाती है. यदि गांव के चार लोग उसे अस्पताल न पहुंचाएं तो निश्चित उस व्यक्ति की मौत वही हो जाएगी. गांव में महिला सरपंच है और उनके पति धर्मेंद्र लोधी सरपंच प्रतिनिधि हैं. वह बताते हैं कि हम गांव में बारिश के बाद मुरमीकरण करा देंगे. जिसकी फाइल तैयार कर दी है. स्वीकृत होने के बाद जैसे ही बारिश खत्म होगी तो पूरे रोड पर मुरम डलवा देंगे ताकि सड़क पर आवागमन सुगम हो सके.

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