
पीजी कॉलेज परिसर में भरा पानी
दमोह. रात भर हुई भारी बारिश ने दमोह की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है जहां घरों में पानी भर गया तो वही एक बोलेरो देखते ही देखते पानी में डूब गई.
8 दिन बाद बरसे बादलों ने गर्मी और उमस से राहत तो दी लेकिन रात भर ऐसा कहर ढाया की लोग न चैन सो सके और न जाग सके. सारा शहर चंद घंटे की बारिश में ही पूरी तरह से पानी पानी हो गया. कॉलोनी में घरों के अंदर एक से दो फीट तक पानी भर गया. नालियों का कीचड़ कर घरों में जमा हो गया. लोग रात भर साफ करती रहे लेकिन वह अपनी बार-बार बारिश के कारण फिर घरों में भर जाता. हालांकि कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तत्काल ही नगर पालिका हमले को तुरंत ही ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए. लेकिन शहर में जगह-जगह भरी पड़ी नालियों से ड्रेनेज व्यवस्था एक ही दिन में कैसे सही हो सकती है, जब साल भर से नालियां साफ ही नहीं हुई है.

(वन विभाग कार्यालय की बाउंड्री टूटी)
नगर के मुख्य बाजार से लेकर कालोनियां और निचली बस्तियां तक पानी के कारण दो-दो फीट जल भराव क्षेत्र में तब्दील हो गई. एसपीएम नगर में घरों के अंदर एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया. जबकि नई और व्यवस्थित कॉलोनी है. उसके बाद भी लोगों ने अपने मकान सड़क से एक डेढ़ फीट ऊंची कर लिए हैं. बाबजूद इसके उन्हें राहत नहीं मिली. तो शहर की निचली बस्ती मांगंज वार्ड नंबर चार और पांच में तो यह हाल था समझ में ही नहीं आ रहा था कि सड़क कौन सी है और खुला मैदान कौन सा. सब तरफ पानी ही पानी. इसी बारिश ने वन विभाग को भी नहीं छोड़ा. एक ही रात की बारिश ने घटिया निर्माण की पोल भी खोल दी. पूरी की पूरी बाउंड्री वॉल गिर गई. हालांकि रात का समय था इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई. नगर के पीजी कॉलेज जिसे प्रधानमंत्री ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज के रूप में चुना गया है एक आदर्श कॉलेज के रूप में उसे मान्यता है, लेकिन वहां की स्थिति ऐसी की मुख्य गेट से लेकर कक्षाओं तक पानी में भर गया. निकलने की जगह ही नहीं थी. जो भी कर्मचारी कॉलेज पहुंचे तो वह पानी में अपने पेंट को ऊपर करके पहुंचे.

नगर पालिका कि सफाई व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर
इसी तरह नगर के हृदय स्थल घंटाघर के समीप बजाजी लाइन जहां कपड़ो का सबसे ज्यादा व्यापार होता है. दुकानों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया. लोग में रात में ही दुकानों में पहुंच गए और पानी खाली करने लगे. लेकिन तब तक बहुत सारा माल गीला हो चुका था. स्थिति ठीक वैसे ही थी कि एक तरफ लोग पानी बाहर निकालते और दूसरी तरफ बारिश के कारण नालियों और सड़कों का गंदा पानी फिर से अंदर भर जाता. जब सुबह करीब 5:00 बजे बारिश थमी तब धीरे-धीरे किसी किसी क्षेत्र का पानी उतर पर पाया. गौरतलब है कि कॉलेज में तीन शिफ्ट में परीक्षाएं शुरू हो गई है. अब पहली शिफ्ट वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत है. क्योंकि उन्हें मजबूरी में गीले होकर पीजी कॉलेज तक और वहां से अपनी कक्षाओं तक पहुंचना पड़ा.
नगर से लगे हुए राजनगर ग्राम में एक फोर व्हीलर और एक टू व्हीलर भारी बारिश के कारण नाला में बह गई बाद में उसे किसी तरह ग्रामीणों ने बाहर निकल यहां की रहवासी मुकेश सैया बताया कि सड़क खराब है और एक जब तेज बारिश शुरू हुई तो बाइक और उसकी बोलोरो गाड़ी दोनों ही नाल में बह गए. वहीं कलेक्टर सुधीर कुमार कुचर का कहना है कि हम लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं और नगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां भी जल भराव की स्थिति है उसे प्राथमिकता से ठीक किया जाए.

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