
दमोह. ग्राम झरौली में कलेक्टर को अपने बीच पाकर आंगनवाड़ी स्कूल के बच्चे फूले नहीं समाए. इस दौरान कलेक्टर भी बच्चे बन गए, उन्हें पढ़ाया उनसे बात की और लोगों की समस्याएं भी सुनी.
दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कम समय में ही लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता बना ली है. वह ऐसे पहले कलेक्टर है जो न केवल स्कूलों में पहुंचकर बच्चे बन जाते हैं बल्कि उनके साथ समय बिताने और उन्हें पढ़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं. अपने रूटीन ग्राम भ्रमण क्षेत्र के दौरान आज कलेक्टर ने तीन ग्रामों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनी. वह ग्राम झरौली पहुंचे यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक स्कूल पहुंचकर उन्होंने बच्चों से बातचीत की. इस बीच वह कुर्सी छोड़कर खुद भी बच्चों के बीच नीचे टाट फट्टी पर बैठ गए और उनकी किताब लेकर उन्हें पढ़ाया तथा अक्षरों की पहचान कैसे की जाती है बताया. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र संचालक से बात की तथा बच्चों को खेल-खेल में पढ़ने और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रेरित करने के टिप्स भी दिए. इसके पहले भी भविष्य से मिलिए कार्यक्रम में कलेक्टर स्कूल में पहुंचकर बच्चों को पढ़ा चुके हैं. उन्होंने न केवल ब्लैक बोर्ड पर लिखकर समझाया बल्कि शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराया था. इस दौरान उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए इसके अलावा उन्होंने ग्राम बनवार बलारपुर और मुवार में लोगों की समस्याएं सुनी. साथ तुरंत ही अधिकारियों को उन समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश भी दिए. बलारपुर के खेरा में बिखरी पड़ी ऐतिहासिक धरोहर मढा का जायजा लिया। ग्राम मुवार में राधा रमण जानकी मंदिर के प्राचीन ऐतिहासिक भवन का जायजा लिया और इसे सहेजने के लिए पुरातत्विक विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।


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