मार्च 17, 2026

जिस गांव में सभा करके मोदी ने गारंटी दी, वहीं के लोगों ने छोड़ा भाजपा का साथ

दमोह. कांग्रेस के बाद अब भाजपा को झटका लगना शुरू हो गए हैं. इमलाई ग्राम में प्रधानमंत्री ने 19 तारीख को सभा की थी वहीं के कई नेताओं ने भाजपा को छोड़ दिया है. कारण पानी की समस्या हल न हो पाना बताया गया है.
कांग्रेस को तो एक के बाद झटके लग ही रहे हैं. लगातार लोग कांग्रेस से पलायन कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं. तो भाजपा के लिए भी अब एक बुरी खबर इमलाई ग्राम से आई है. यहां के दर्जनों वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाजपा का साथ छोड़ दिया है. जिस इमलाई ग्राम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा की थी वहीं के लोगों ने अब भाजपा का साथ छोड़ दिया है. गौरतलब है कि इस ग्राम में पानी की किल्लत बनी हुई है. लोग इस भीषण गर्मी में में बूंद बूंद पानी के लिए परेशान हैं. वह कई बार कलेक्टर और स्थानीय विधायक जयंत कुमार मलैया को ज्ञापन दे चुके हैं. इस संबंध में जयंत मलैया और कलेक्टर भी नगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि ग्राम इमलाई में पानी की समस्या हल की जाए. लेकिन नगर पालिका के टाल मटोल वाले रवैया के कारण वहां पर पानी नहीं पहुंच रहा है. इस मुद्दे को bhaskar-news.in ने ही प्रमुखता से उठाया था. लेकिन इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेता. पानी के लिए परेशान लोगों ने भाजपा को बाय-बाय कह दिया है. भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रीतम लोधी को सौंपे गए सामूहिक त्यागपत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि वह भाजपा का साथ छोड़ रहे हैं. इस चुनाव में भाजपा उनसे किसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा न रखे.
सामूहिक त्यागपत्र में लेख किया गया है कि ग्राम इमलाई में बूथ क्रमांक 32, 33 और 34 स्थित है. इन सभी बूथों के सक्रिय कार्यकर्ता और बूथ प्रभारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं. प्रत्येक चुनाव में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पूरी ईमानदारी के साथ कार्य किया है. भाजपा को विजय श्री दिलाई है. इसके बाद भी यहां की समस्याओं का निराकरण करने में कोई रुचि नहीं ली गई. पेयजल समस्या के साथ लोगों को पीएम आवास का लाभ भी नहीं मिला, जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है. इसलिए हम सभी पदाधिकारी सामूहिक रूप से भाजपा से इस्तीफा दे रहे हैं. इस्तीफा देने वालों में ग्राम पंचायत के उप सरपंच और शक्ति केंद्र के संयोजक रमेश श्रीवास्तव, भरत अहिरवार, रविंद्र अहिरवार, धर्मेंद्र पटेल, अजय पटेल, तरुण पटेल, सलमान खान, शिवचरण पटेल, याकूब खान, अलीमुद्दीन खान, किशन पटेल, बृजेंद्र पटेल, लालमन परस्ते, बाबूलाल पटेल, राजा पटेल, विनोद पटेल, रुस्तम खान सहित दर्जनों लोगों ने त्यागपत्र दे दिया है. दरअसल जब 19 तारीख को नरेंद्र मोदी सभा करने आए थे उसे समय इन लोगों ने पानी की समस्या को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन करने का मन बना लिया था. लेकिन जब यह भनक भाजपा नेताओं और प्रशासन को लगी तो उन्होंने इन सभी नेताओं और ग्रामीणों को सभा स्थल पर विरोध करने से रोक दिया. जिससे कुपित होकर अब इन सभी ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है. मोदी ने अपनी सभा में कहा था कि यदि किसी को किसी योजना का लाभ न मिला हो तो कार्यकर्ता उसे मोदी की गारंटी दे दें लेकिन यहां तो गारंटी उल्टी ही पड़ गई.

प्रेस वार्ता में पशुपालन मंत्री लखन पटेल को कराया गया था अवगत. बयान उसी संदर्भ में

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