मार्च 17, 2026

मृत्यु को बनाया महोत्सव वृद्ध दादी मां को दी दुल्हन की तरह विदाई

दमोह एक वृद्ध महिला की मृत्यु के पश्चात परिजनों ने गाजे बाजे के साथ न केवल शोभा यात्रा निकाली बल्कि भावभीनी विदाई भी दी.
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि मृत्यु मौत नहीं है, बल्कि यह एक महोत्सव है. इसलिए मृत्यु से घबराना नहीं चाहिए. गीता के इस वचन को चरितार्थ किया है बटियागढ़ ब्लॉक के ग्राम मंगोला निवासी श्रीमती सियारानी साहू के परिजनों ने. दरअसल ग्राम मंगोला निवासी सिया रानी की मंगलवार की शाम 103 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई. जिस तरह से उन्हें अंतिम विदाई दी वह सबको न केवल हैरत में डालने वाला बल्कि अचरज भरा था. परिजनों ने उनके जीवन की अंतिम यात्रा को यादगार और भव्य बनाते हुए उन्हें बारात के रूप में बैंड बाजो से विदाई दी। दरअसल हटा नगर निवासी राष्ट्रीय तेली पिछड़ा वैश्य महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर साहू, सुनील साहू मंडी, कनई, ब्रजेश, राजकुमार, अभिषेक साहू की दादी एवं श्यामलाल एवं इमरत साहू की माँ श्रीमती सियारानी साहू अपने पीछे नाती, पंती एवं संती सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर गई. वह ग्राम मंगोला में सबसे वयोवृद्ध महिला थी। जिनकी शतायु होकर निधन होने पर परिवार जनों ने दादी अम्मा की अंतिम शव यात्रा को यादगार बनाने ढोल नगाड़ा पार्टी को बुलाकर अंतिम यात्रा को बारात का स्वरूप देकर अंतिम यात्रा निकाली. परिवार जनों ने ग्राम मंगोला के मुक्तिधाम में मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान समूचे ग्राम वासी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पुण्य आत्मा की शांति एवं कामना की एवं शोकाकुल परिवार को इस गहन दुख से पार करने ईश्वर से कामना की।

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