
दमोह दमोह की राजनीति में एक करोड़ की एंट्री के बाद पोस्ट की एंट्री हो गई है जिसमें भाजपा को हराने अपील की गई है।
दमोह की राजनीति में इन दिनों सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। लगातार एक के बाद एक ऐसे बयान और विवाद सामने आ रहे हैं जिससे राजनीतिक सर गर्मी ठंड के मौसम में भी बहुत तेजी से बढ़ रही है। अजय टंडन के एक करोड रुपए के बयान के बाद अब एक और मामला सामने आया है। जिससे अब भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि इसे पार्टी की अंदरूनी कलह माना जा रहा है। दरअसल रातों-रात शहर में कई जगह पंपलेट चिपकाए गए हैं। उन पंपलेट में लिखा गया है “सत्यमेव जयते” जयंत मलैया की हार भाजपा के आम कार्यकर्ता की जीत, जय हिंद जय भारत। पंपलेट भले ही दो लाइन का है लेकिन उसने राजनीतिक सर गर्मी को कई गुना बढ़ा दिया है। इसके कई दूरगामी मायने भी हैं। जिसे भाजपा प्रत्याशी, भाजपा संगठन और सभी दल बखूबी समझ रहे हैं। लेकिन खुलकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। अब आप इस पम्पलेट के मायने भी समझ लीजिए। दरअसल इस पंपलेट को 2021 में हुए उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जिसमें जयंत मलैया का टिकट काटकर कांग्रेस से भाजपा में गए राहुल लोधी को उम्मीदवार बनाया गया था। भाजपा का संगठन, प्रदेश सरकार सहित तमाम सरकारी मशीनरी ने जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। उसके बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन 17089 मतों से विजय हुए थे। उस समय यह माना जा रहा था कि अंदरुनी तौर पर जयंत मलैया की नाराजगी और पार्टी में भीतरघात के कारण यह चुनाव बीजेपी हार गई है। चुनाव हारने के बाद राहुल सिंह लोधी ने खुलकर यह यह आरोप भी लगाया था कि मलैया परिवार के कारण वह चुनाव हारे हैं। उनकी रणनीति सफल हुई है। जिस पर मलैया ने पलटवार भी किया था, और कहा था कि भाजपा तो वह वार्ड भी हारी है जहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रचार किया था। इसका मतलब साफ है कि जनता ने ही भाजपा को हराया है। पार्टी में कहीं कोई भीतरघात नहीं हुआ है। अब इस पंपलेट के आने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मलैया से असंतुष्ट दूसरे खेमे के भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह पंपलेट चिपकाए हैं? वैसे भी दमोह में एक नहीं चार-चार खेमे हैं और उन में भाजपा बटी हुई है। जिसमें से एक खेमे में प्रहलाद पटेल के कार्यकर्ता, उसमें कुछ हद तक राहुल लोधी भी शामिल है। लेकिन राहुल का एक अलग गुट भी है। तीसरे खेमे में प्रीतम सिंह लोधी भाजपा की जिला अध्यक्ष और चौथे खेमे के खलीफा जयंत मलैया हैं। स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक-ठाक तो नहीं चल रहा है। जिसके कारण यह पम्पलेट चिपकाए गए हैं। जब इस संबंध में ईटीवी भारत ने भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी से पंपलेट की सच्चाई जानना चाही तो उन्होंने कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। इसकी शिकायत हमने निर्वाचन आयोग से की है। जब उनसे कहा गया कि आप शिकायत की कॉपी हमें दे दें तो उन्होंने कहा कि अभी उनके पास कुछ भी नहीं है। इसका मतलब यही है की शिकायत नहीं की गई है बातें केवल हवा हवाई हैं। जब जयंत मलैया से संपर्क किया गया तो वह चुनाव जनसंपर्क में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि मैं इन सब बातों पर ध्यान नहीं देता। मुझे पता है कि शहर में पंपलेट लगाए गए हैं। किसकी साजिश से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। संगठन भी सब कुछ जानता है। जयंत मलैया का यह कहना कि संगठन भी सब कुछ जानता है, इसका सीधा मतलब यही है कि वह समझ गए हैं कि साजिश पार्टी विरोधियों की नहीं पार्टी के भीतर रहने वालों की है। इसलिए उन्होंने कहा कि संगठन भी सब कुछ जानता है। वहीं इस मामले में जब अजय टंडन से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि भाजपा में अंतर कलह और भीतर घात तो शुरू से ही चल रहा है। यह कोई नई बात नहीं है। इसके पहले भी दामों के प्रभारी मंत्री गोविंद राजपूत के खिलाफ 15 अगस्त 2021 को शहर भर में बैनर लगाए गए थे। उसे समय भी कांग्रेस पर ही आरोप लगाए गए थे। लेकिन शहर की जनता जानती है कि भाजपा में क्या चल रहा है, और यह किसकी साजिश है। बहरहाल कुछ भी हो लेकिन सोशल मीडिया पर भी भाजपा के अंदर ही तेजी से आरोप प्रत्यारोप के दौर चल रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि जयंत मलैया के लिए सफलता की राह है आसान तो बिल्कुल भी नहीं है।

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