मार्च 17, 2026

दमोह का दंगल: अंतिम चरण में जुबानी जंग के साथ सोशल मीडिया पर भी मचा घमासान

दमोह। अंतिम दौर में पहुंच चुके चुनावी दंगल के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जमकर चल रहा है। तो वहीं सोशल मीडिया पर भी जंग छिड़ी हुई है।
दमोह में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। चुनाव अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 17 तारीख को वोटिंग है। 15 तारीख की शाम से ढोल नगाड़े और शोर गुलबाला प्रचार समाप्त हो जाएगा। केवल प्रत्याशी जनसंपर्क करके ही अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचा सकेंगे। अंतिम दौर की इस लड़ाई में अब जमकर घमासान बचा हुआ है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं। जहां भाजपाई यह कह रहे हैं कि 5 साल बर्बाद हो गए। दमोह का विकास नहीं हुआ और पिछले ढाई साल के कार्यकाल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। 70 साल देश पर राज किया लेकिन देश और प्रदेश की तस्वीर नहीं बदली। कांग्रेस भी मुंह तोड़ जवाब दे रही है। कांग्रेस प्रत्याशी कह रहे हैं कि पिछले 35 वर्ष तक जयंत मलैया विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे लेकिन उनके कार्यकाल में क्या हुआ आप खुद ही देख लीजिए। दमोह में भूमि पूजन के बाद भी न मेडिकल कॉलेज आया, न कोई बड़ा उद्योग आया, 15 वर्ष पहले बटियागढ़ के गीदन में स्टील प्लांट लगाने का करार भाजपा सरकार ने किया था लेकिन अब वह स्टील प्लांट भी लापता है। मगरोन में आईटीबीपी का ट्रेनिंग सेंटर भी अब तक नहीं खुल पाया है। जबकि इसकी घोषणा करके बोर्ड लगा दिया और सरकार ने वाहवाही भी लूट ली। बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है।


सोशल मीडिया पर घमासान
मुंह जवानी जंग के साथ ही सोशल मीडिया पर भी जमकर घमासान मचा हुआ है। भाजपा के कार्यकर्ता पोस्ट डालकर खुद भी भाजपा को घेर रहे हैं। जो कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम कर रही है। भाजपा के पार्षद विक्रांत गुप्ता की छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की है। वह लिखते हैं कि लोकसभा 2019, उप चुनाव 2021 और नगरीय निकाय चुनाव 2022 में लगातार भाजपा का विरोध करने वाले राम मंदिर और पार्टी भक्ति का ज्ञान न पेलें। विक्रांत ने एक और दूसरी पोस्ट डाली है जिसमें जयंत मलैया को गंगा जमुना मामले के आरोपी मुस्ताक खान के साथ खड़े हुए हैं दिखाया है। उस पोस्ट में लिखा है कि देखिए बीजेपी के नेता हिंदू विरोधी और धर्मांतरण करने वालों के साथ हैं। तो वहीं भाजपा के समर्थक गीतेश अठ्या ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। जिसमें लिखा कि माहौल बिगाड़ने वालों के लिए यह पता होना चाहिए की राम मंदिर आंदोलन के अगुवा एडवोकेट हरिशंकर जैन और उनके पिता विष्णु शंकर जैन ही थे। गीतेश ने यह संदर्भ वर्तमान में गिरनार जी में चल रहे विवाद को लेकर दिया है। भाजपा के अन्य समर्थक देवेंद्र जैन ने लिखा है कि इस बार मतदाता स्वार्थी लोगों की बातों में नहीं आ रहा है क्योंकि उन्होंने वह उड़ती धूल, पीले कुप्पे और अवसरवादी सबको देखा है। इसी तरह की कई अन्य पोस्ट भी सोशल मीडिया पर पड़ी हुई हैं। भाजपा के लिए परेशानी की बात यह है कि उनका काम तो उन्हीं के पार्टी के लोग बिगाड़ रहे हैं। हालांकि इन सब के बाद भी दोनों पक्षों की प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में लगे हुए हैं। उन्हें अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है लेकिन यह प्रतिसाद वोटो में कितना बदल पता है देखना होगा।

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