
दमोह। भीतरघात के डर से सहमे कांग्रेस के उम्मीदवारों ने मंदिर में गंगाजल उठा का शपथ ली कि वह पार्टी से गद्दारी नहीं करेंगे। अब लोगों की निगाहें टिकट वितरण लग गई है।
कसमे, वादे, प्यार, मोहब्बत वादे हैं वादों का क्या, अपने समय का यह मशहूर गाना तो सभी ने सुना होगा लेकिन अब इस गाने की एक नए रूप में राजनीति में एंट्री हो गई है। जी हां आपको सुनने में अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन इसकी एंट्री हुई है पथरिया विधानसभा क्षेत्र के मां हरसिद्धि माता की मंदिर से। दरअसल चुनाव के समय टिकट न मिलने से रुष्ट दावेदार भीतरघात करके अपनी ही पार्टी के घोषित प्रत्याशी को चुनाव हराने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इसी डर से सहमी कांग्रेस पार्टी के पथरिया विधानसभा के आधा दर्जन से अधिक दावेदारों ने ग्राम बांसा कला में स्थित मां हरसिद्धि के मंदिर में हाथ में गंगाजल उठाकर यह शपथ ली कि वह पार्टी और प्रत्याशी के साथ किसी तरह की दगाबाजी नहीं करेंगे। चाहे टिकट किसी को भी मिले। कांग्रेस पार्टी में पथरिया विधानसभा से करीब आधा दर्जन दावेदार हैं। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि और पूर्व प्रत्याशी गौरव पटेल, पूर्व महिला प्रत्याशी श्रीमती मनीषा दुबे, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राजपूत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव खेतसिंह के नाती और जिला पंचायत सदस्य राव बृजेंद्र सिंह सहित अन्य नेता शामिल हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज राव बृजेंद्र सिंह निर्दलीय चुनाव लड़े थे। जिसके कारण कांग्रेस को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा था। साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पटेल को चुनावी रेस से बाहर कर चौथे नंबर पर फेक दिया था। कांग्रेस के सभी दावेदारों को इस बार भी यही डर सता रहा है की कहीं पार्टी के अंदर से ही उन्हें हराने के लिए लोग सक्रिय न हो जाएं। इसीलिए उन्होंने मंदिर पहुंचकर शपथ ली।
मां के मंदिर में संकल्प
मां हरसिद्धि के मंदिर पहुंचे सभी दावेदारों ने हाथ में गंगाजल लिया इसके बाद मंदिर के पुजारी ने उन्हें मन, वचन और कर्म से मां हरसिद्धि को साक्षी मानकर संकल्प दोहराने के लिए कहा। इसके बाद गौरव पटेल ने शपथ दिलाई की हम सभी कांग्रेस के दावेदार यह शपथ लेते हैं की चाहे टिकट किसी को भी मिले अन्य सभी लोग मन कर्म और वचन से पार्टी और प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ऊर्जा और कार्यकर्ताओं के साथ लेकर मेहनत से काम करेंगे। यदि कोई भी अपनी शपथ को तोड़ता है तो मां हरसिद्धि उसे दंड देने के लिए स्वतंत्र हैं।
पहले भी उठाई शपथ
गौरतलब है कि इस तरह की शपथ पहले भी उठाई गई है। पिछले साल ही संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनाव में पथरिया से बसपा और भाजपा के पार्षदों ने हरिद्वार में मां गंगा की धार में खड़े होकर हाथ में गंगाजल लेकर शपथ ली थी लेकिन जैसे ही बसपा की सरकार बनी। नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा के खेमे में शामिल हो गए थे। जबकि पार्षद का चुनाव उसने कांग्रेस की टिकट पर जीता था। इस तरह एक ही दिन में तीन पार्टी बदलने और गंगा की शपथ को झूठा करने का मामला पहले भी देखा जा चुका है।

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