September 10, 2026

समर्थन मूल्य के नाम पर व्यापारियों से खरीदा जा रहा है घटिया अनाज, बोरियों में निकल रही गिट्टी

दमोह। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर संबंधित दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ताजा मामला अग्रवाल वेयरहाउस का है
जिले भर में इन दिनों गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी चल रही है। यह खरीदी स्व सहायता समूह के माध्यम से की जा रही है। लेकिन कई केंद्रों से किसान यह शिकायत कर रहे हैं कि उनके माल की जगह व्यापारियों का घटिया माल खरीदा जा रहा है। उस खरीदे गए माल में अनाज की जगह पत्थर निकल रहे हैं। ऐसा ही ताजा मामला कलेक्टर कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर सामने आया। यहां एक ट्रक अनलोड किया जा रहा था। दरअसल दमोह – जबलपुर स्थित अग्रवाल वेयरहाउस पर तैनात सर्वेयर ने माल को खराब होने पर ऑनलाइन रिजेक्ट कर दिया था। लेकिन जिस समूह के माध्यम से यह खरीदी की गई थी वह जबरदस्ती उस माल को वेयरहाउस में अनलोड करा रहे थे। जब इस बात की जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र पटेल को मिली तो उन्होंने मामले की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने तुरंत ही तहसीलदार मोहित जैन एवं कनिष्ठ खाद्य अधिकारी राजेश पटेल को जांच के लिए मौके पर भेज दिया। वह अपने साथ जांच के लिए एक औचक निरीक्षक भी ले गए। जब उन्होंने बोरियां खोल कर देखी तो उन बोरियों में गिट्टी और ईट के टुकड़े मिले।
दमोह में कई बड़े व्यापारी हैं जो गेहूं की बड़े स्तर पर खरीदी करते हैं और वह अधिकारियों की मिलीभगत से अपना खराब गेंहू समर्थन मूल्य केंद्रों पर बेच देते हैं। जबकि किसान स्लॉट बुक होने के बाद भी अपनी बारी आने का इंतजार करते रहते हैं और उनका अच्छा अनाज नहीं बिक पाता है।
माल रिजेक्ट किया
इस मामले में सर्वेयर अरविंद सिंह लोधी का कहना है कि जो ट्रक आया था उसकी पहले बिल्टी नहीं आई थी बाद में उसकी बिल्टी आ गई। लेकिन जब परखी लगाकर माल चेक किया तो उसमें कुशी और मिट्टी बहुत ज्यादा थी इसलिए उसे ऑनलाइन रिजेक्ट कर दिया है। यह माल अंदर नहीं जाएगा।


माल फेल पास करना सर्वेयर का काम
जांच करने पहुंचे कनिष्ठ खाद्य अधिकारी अरविंद पटेल का कहना है की माल की क्वालिटी के आधार पर सर्वेयर तय करता है कि वह रखा जाएगा या नहीं जिस गाड़ी की बात हो रही है उसकी ऑनलाइन बिल्टी आ चुकी है बारिश के टाइम पर जरूर कुछ गाड़ियों की बिल्टी ऑफलाइन हुई थी। पार्सियल आधार पर जांच की जाती है जरूरी नहीं है कि एक ट्रक में 600 बोरियां है तो सभी खराब हो और उनको रिजेक्ट कर दिया जाए। सब यार ने बताया है कि 14 बोरी माल खराब है उसे बाहर कर दिया गया है।
खराब माल रिजेक्ट कर दिया
तहसीलदार मोहित जैन का कहना है कि एक गाड़ी 0 573 उतरी थी उसमें कुछ माल खराब था जिसे सर्वेयर ने रिजेक्ट कर दिया है कनिष्ठ खाद्य अधिकारी ने भी इसकी जांच की है जो माल अच्छा होता है उसे पास करके रख लिया जाता है। सर्वेयर ने बताया कि जो माल ठीक था उसी रखा गया है खराब माल रिजेक्ट कर दिया है।

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